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Sunday, 16 February 2020

Yadon ki Mahfil

पल-पल उसका साथ निभाने आए हम ,
एक इशारे पर अपनी दुनिया छोड़ आए हम
समंदर के बीच पहुंचकर फरेब की उसने
वो कहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम ।

मुहब्बतों में अगर कोई रश्मों-रिवाज ना हो 
सुकून तबाह ना हो , जिंदगी गुनाह ना हो ।
कुछ अटकलें भी लाजिमी  है दिल्लगी के                             लिए 
किसी से प्यार अगर हो तो बेपनाह ना हो।

इस एहतियात से मैं तेरे साथ चलता था ,
तेरी निगाहों से आगे मेरी निगाहें ना हो ।
मेरा वजूद है सच्चाइयों का आइना ,
ये बात और कहने वाला मेरा कोई गवाह 
                    ना हो ।।

रोती हुई आंखों में इंतजार होता है ,
ना चाहते हुए भी क्यों प्यार होता है ।
क्यों देखते हैं हम वहीं सपने जिनके टूटने
पर भी उनके सच होने का इंतजार होता है 

अपने प्यार का इजहार कैसे करूं
दूर भी इतना उनसे कैसे रहूं।
मैंने सब कुछ कब का उनके नाम कर दिया
उनके सामने जाकर इकरार करूं तो कैसे                           करूं।।

               कुछ अनमोल बातें
जहां नारी का सम्मान होता है , वहां देवता भी प्रसन्न रहते हैं।।

जिस परिवार में नारियों का सम्मान नहीं होता , वह पतन और विनाश के गर्त में लीन हो जाता है ।।

पति के लिए चरित्र, संतान के लिए ममता , समाज के लिए शील , विश्व के लिए दया तथा जीव के लिए करूणा संजोने वाली महाप्रकृति का नाम ही नारी है ।।

ईश्वर के पश्चात् हम सर्वाधिक ऋणी नारी के हैं -प्रथम तो जीवन के लिए फिर उसको जीने योग्य बनाने के लिए ।

जिस समय नारी का हृदय आगार बन जाता है , उस समय उससे कोमल कोई वस्तु संसार में नहीं रह जाती ।

   अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी ।
   आंचल  में है दूध और आंखों में पानी   ।।


कांटों भरी शाख को फूल सुंदर बना देते हैं और गरीब से गरीब आदमी के घर को लज्जावती नारी सुंदर और स्वर्ग बना देती है ।।

नारियों की अवस्था में सुधार न होने तक विश्व के कल्याण का कोई मार्ग नहीं ।।

किसी पंछी का एक पंख के सहारे उड़ना नितांत असंभव है ।।

संसार में एक नारी को जो कुछ करना है , वह पुत्री , बहन , पत्नी और माता के पावन के अंतर्गत आता है ।।

जीवन में जो कुछ पवित्र और धार्मिक है , नारियां उसकी विशेष संरक्षिकाएं है।।

नारी तुम केवल श्रद्धा हो , विश्वास रजत नग पगतल में ।
पीयूष श्रोत सी बहा करो ,जीवन के सुंदर समतल में ।।

नारी की उन्नति और अवनति पर ही , राष्ट्र की उन्नति और अवनति निर्भर है ।।

समाज में आचरण को बनाना ,घर का  प्रबंध करना तथा कोमलता  , प्रेम और सहनशीलता से जीवन की विषम और कठिन यात्रा को सरल और सुखद बनाना नारी का कार्य है ।।

नारी यौवन काल में गृह देवी मध्य काल में सच्ची साथी और वृद्धावस्था में परिचारिका का काम करती है ।।
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Sunday, 2 February 2020

"Mast - mast Shayari"

दोस्ती तो सिर्फ़ एक इत्तफाक है ,
                  ये तो दिलों की मुलाकात है ।
दोस्ती नहीं देखती ये ,
                               दिन है कि रात है।
इसमें तो सिर्फ़ वफादारी
                                और जज़्बात है ।

"बिते वक्त की सब बातें भूल जाऊंगा,
जिस दिन सपनों को साकार होता पाऊंगा,
खुशियों का वो हर पल होगा सिर्फ मेरे लिए जिस दिन मुस्कान में एक नया खनक                               पाऊंगा।
कहते -कहते ही रूक जाती है ये जुबान 
उस दिन मैं कुछ कहना चाहूंगा।    
अरमान जो सिमटते है मेरे नाम में वो रहा
उस दिन मैं सबको बताऊंगा ।
खुशियों का पंख लगाकर उड़ जाऊंगा ।
उड़कर मैं परियों की दुनिया में जाऊंगा।
हर पल रूलाती चिढ़ाती जिंदगी ,
परियों की दुनिया से वापस ना आऊंगा।"

बिना ख्वाबों के भी कोई सो पाया है ,
बिना यादों के भी कोई रो पाया है     ।
आपकी दोस्ती धड़कन है इस दिल की   
दिल भी कभी धड़कन के बिना रह पायाहै।

साथ हम चाहे तो ऐतराज मत करना ,
कभी हम कुछ मांगे तो इंकार मत करना ।
आप ही रह गये है एक मेरे अज़ीज़ ,
वरना दिल ने तो कह दिया है कि 
किसी पे ऐतबार मत करना          ।।

ये जिंदगी मोह माया है 
               जीवन में सुख किसने पाया है ।
एक हम हैं जो भुलाते नहीं आपको ,
            और एक आप हैं जो कहते हैं ,
आज फिर कमबख्त का मैसेज आया है।

फूल कभी दो बार नहीं खिलता ,
            जीवन कभी दो बार नहीं मिलता ।
दोस्त तो मिल जाते हैं हजारों ,
   पर आप जैसा दोस्त दुबारा नहीं मिलता।

उदास नज़रों में ख्वाब मिलेंगे,
           कहीं कांटे तो कहीं गुलाब मिलेंगे ।
दिल की किताब को पढ़कर तो देखो ,
ऐ दोस्त , कहीं आपकी याद तो 
                       कहीं आप खुद मिलेंगे ।।

उम्मीदें कस्ती को कोई डूबा नही सकता ,
चाहत के दीए को कोई बुझा नहीं सकता ।
हमारी दोस्ती है ताजमहल की तरह ,जिसे
चाहकर भी कोई दुबारा बना नहीं सकता ।

छुप-छुप तनहा रो लेंगे ,
        अब दिल का दर्द किसी से ना बोलेंगे।
निंद तो आती नहीं रातों को अब ,
जब रूकेगी दिल की धड़कन ,
                           तो जी भर के सो लेंगे।

इश्क और दोस्ती मेरी जिंदगी का जहां है ,
इश्क मेरी रुह तो दोस्ती मेरा ईमान है     ।
इश्क पर तो कर दी फिदा अपनी जिंदगी,
पर दोस्ती पर तो मेरा इश्क भी कुर्बान है।

कभी ना चुका सको वो लोन है हम ,
        जो हमेशा बजती रहे वो टोन है हम।
आपकी जिंदगी से वापस ना जाएंगे हम 
    अब तो पहचान गए कि कौन हम हम ।।

आज हर एक पल खूबसूरत है ,
            दिल में बस आप ही की सूरत है ।
कुछ भी कहे ये दुनिया गम नहीं ,
 दुनिया से ज्यादा हमें आपकी जरूरत है ।।

खूशबू में ये एहसास होता है ,
             दोस्ती का रिश्ता ख़ास होता है ।
हर बात को जुबान से कहना मुमकिन नहीं इसीलिए दोस्ती का नाम विश्वास होता है।।

ऐ कलम जरा रुक-रुक के चल,
              क्या गजब का मुकाम आया है ।
थोड़ी देर ठहर जा उसे दर्द ना हो ,                                         तेरे नोंक के नीचे मेरे दोस्त का नाम आया है ।।

दिल टूटना सजा है मुहब्बत का 
              दिल जोड़ना अदा है दोस्ती का ।
जो मांगे कुर्बानियां वो है मुहब्बत ,
               जो बिन मांगे हो जाए कुर्बान 
वो पहचान है दोस्ती का  ।।

अंजान साथी को दिल का इंतजार है ,
          प्यासी है ये आंखें दिल बेकरार है ।
आपका साथ मिल जाए तो 
                      हर राह आसान हो जाए।
शायद इसी एहसास का नाम प्यार है।।

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता 
        कुछ रिश्तों का कोई मोल नहीं होता ।
लोग तो मिल जाते हैं हर मोड़ पर , लेकिन हर कोई आपकी तरह                                               अनमोल नहीं होता।।

तड़प-तड़प के देख किसी के चाहत में ,
  तो पता चले कि प्यार क्या होता है   ।
यूं ही मिल जाए कोई बिना तड़पे तो             कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है ।।

हमसे सिर्फ इतना ही दूर होना किआपकों         मेरी अहमियत का एहसास हो जाए।
लेकिन कभी इतना भी दूर मत होना कि
      हम आपके बिन जिना ही भूल जाए।।

क़यामत तक तुझे याद करेंगे 
              तेरी हर बात पर एतबार करेंगे ।
तुझे काल करने को तो नहीं कहेंगे 
 पर फिर भी तेरे काल का इंतजार करेंगे ।।

इश्क करने वाले को दिवाना कह दिया ,
शमा पे जलने वाले को परवाना कह दिया ।
मुहब्बत को दफनाया पत्थरों के नीचे ,
   और लोगों ने उसे ताजमहल कह दिया ।।

ऐसा नहीं कि आप याद आते नहीं ,
कहना सिर्फ इतना है कि हम जताते नहीं ।
आपका प्यार अनमोल है हमारे लिए ,
 आप जानते हो इसलिए हम बताते नहीं ।।

सुबह का हर एक पल जिन्दगी दे आपको,
दिन का हर एक लमहा खुशी दे आपको  ।
जहां से गम की हवा छूकर भी न गुजरे ,
 खुदा वो जन्नत सी जमीन दे आपको    ।।

मुस्कुराते आप रहो तो खुश हम हो जाएंगे ,
मंजिल आप पाओ तो जित हम जाएंगे    ।
जिना चाहो किसी और के लिए  तो    आपके लिए खुशी -खुशी मर हम जाएंगे।।

एहसास के दामन में आंसू गिराकर देखो,
दोस्ती कितनी सच्ची है आजमाकर देखो 
हमसे दूर होकर हालात कैसी होगी   ,
कभी तुम शीशे पर पत्थर गिराकर देखो ।

आज वक्त ने फिर पूछा मुझसे -
तेरा हंसता चेहरा उदास क्यों है 
तेरी आंखों में प्यास क्यों है 
जिसके पास तेरे लिए वक्त नहीं 
वहीं तेरे लिए खास क्यों है       ।।

इश्क में कोई दिल तोड़ जाता है ,
         दोस्ती में कोई साथ छोड़ जाता है ।
जिंदगी जिना तो कोई गुलाब से सिखे 
जो खुद टूटकर भी दिलों को जोड़ जाता                             है  ।।।

परखते रहें वो हमें सारी जिंदगी ,
और हम भी उनके हर इंम्तहान में 
  पास होते गए ।
मजा आ रहा था उन्हें हमारी आंसूओं की बारिश में  , और हम भी उनके लिए 
बिना रुके रोते रहे ।
बेदर्द थे वो कुछ इस कदर ,
निंद हमारी उड़ाकर 
खुद चैन से सोते रहे ।
जिन्हें पाने के लिए हमने 
सब कुछ लूटा दिया 
वो हमें हर कदम पर खोते रहे ।
और एक दिन जब हुआ 
इसका एहसास उन्हें 
वो हमारे पास आकर 
पूरे दिन रोते रहे ।
और हम भी इतने ख़ुदगर्ज निकले यारों 
 कि आंखें बंद कर  कफ़न में सोते रहे ।।
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Sunday, 26 January 2020

"LOVELY SHAYARI"

इतने बुरे तो नहीं कि भूल जिएंगे आप 
हमेशा तो ना सही , कभी तो याद करेंगे                          आप।।

दिल वो दिल ही नहीं ,
                     जिसमें भरा प्यार न हो ।
आंख वो आंख ही नहीं ,
                      जिसमें इंतजार न हो।।

निंद कैसे आएगी ,
                    जब आप बैठे हो सामने।
आदत ऐसी डाल दी सनम ,
                  इस पागल दिल को आपने।।

सनम इतना भी तुम नादान नहीं ,
                 जो समझते नहीं इशारों को।
फिर भी क्यों तड़पना पड़ता है ,
             तेरी मुहब्बत के इस दिवाने को।।

रात की तनहाई में आवाज़ दिया करता हूं ,
    तुम आओ या न आओ ख्वाब में तेरे ,
             इंतजार किया करता हूं। ।

तेरी याद में खुद को ,
                        वहां महसूस कर लेते हैं ।
जब तुझे छुने की चाहत होती है ,
      तेरी तस्वीर को सीने से लगा लेते हैं ।।

देखा है जिंदगी को कुछ इतने करीब से ,
चेहरे तमाम लगने लगे हैं  अब अजीब से।।

कुछ दर्द है मेरे सीने में ,                                            आए ना मज़ा अब जिने में।।

चांद से प्यारा चांदनी ,
                         चांदनी से प्यारी रात  ।
वो जिंदगी जिंदगी नहीं ,
                     जिसमें नहीं आपका साथ।

सनम की जुदाई ना ,जाने क्यों सताती है ।
दिन तो कट जाता है पर रात को जगातीहैं।

मैंने लाख कोशिश की है ,उसे मनाने की   ।
ना जाने सीखी कहा से ,जालिम रुठ जाने                                की।।

दिल तो दे दिया है ,
            मगर दिल लेने की कसम खाई है।
प्यारी वो चीज चाहिए मुझे ,
                  जो तुमने परदे में छुपाई है ।।

जिते है तेरा नाम लेकर ,
                        मरते है तेरा नाम लेकर ।
मरने पर मेरा क्या अंजाम होगा  
                       कफन उठाकर देख लेना 
     होंठों पर सिर्फ तेरा ही नाम होगा      ।।

फूल खिलते है एक वक्त के बाद ,
           लोग बदलते हैं एक वक्त के बाद ।
तेरी -मेरी दोस्ती टूटेगी एक वक्त के बाद ,
      पर वो वक्त आएगा मेरी मौत के बाद।।

रोशनी सूरज करता है सितारे नही ,
 ये दिवाना प्यार तुझसे करता है ,
                        किसी और से नहीं ।।

तारे आसमां में चमकते हैं ,
          बादल दूर हैं फिर भी बरसते हैं।
हम भी कितने नादान है कि आप मेरे 
              दिल में रहते हो ,
और हम मिलने को तरशते है       ।।

पत्थर की है दुनिया जज़्बात नहीं समझती,
 दिल में है जो बात वो बात नहीं समझती ।
तनहा तो चांद भी सितारों के बीच है ,
पर चांद का दर्द बेवफा रात नहीं समझती ।

जब देखा तुम्हें पहली बार ,
                       उस दिन से हो गया प्यार।
एक पल भी गुजरता नहीं ,
                    अब तो तेरे बिन मेरे यार ।।

परेशान दिल गुलिस्तां के बहारों हम में नहीं                           लगता,
नुमाइशो में नहीं लगता , नजारों में नहीं                                लगता।
बता दे मेरी जान कहा लें जाऊं इस दिलको
अकेले में नहीं लगता ,       हजारों में नहीं                         लगता।।

आपकी यादों के सहारे हम जिया करते हैं,
हर सुबह-शाम आपको याद किया करते हैं।
खुशियां रहे आपकी चारों तरफ ,
          यही खुदा से दुआ किया करते है।।

महक दोस्ती की कभी खत्म नहीं होती ,
जिंदगी भर इश्क़ की खुशबू कम नहीं होती
साथ में अगर आप सा कोई दोस्त हो तो ,
जिंदगी जन्नत से कम नहीं होती          ।।

हम अगर आप से मिल नहीं पाते ,
      ऐसा नहीं कि आप हमें याद नहीं आते।
माना कि जहां के सारे रिश्ते निभाए नहीं                            जाते,
पर जो दिल में बस जाते है ,
                          वो भुलाए नहीं जाते  ।।

हर जित तो किश्मत की बात है ,
                       मगर हम भी आजमाएंगे।
लोग तुम्हें पाकर भी खोएंगे ,
                  हम तुम्हें खोकर भी पाएंगे ।।

एक मासूम सी मुहब्बत का,                                                    बस यही फसाना है।
कागज की हवेली है ,
                           बारिश का जमाना है ।
क्या शर्ते मुहब्बत है ,
                            क्या शर्ते जमाना है ।
आवाज भी जख्मी है ,
                       और वो गीत भी गाना है ।
उस पार उतरने की ,
                          उम्मीद बहुत कम है   ।
कश्ती भी पुरानी है ,
                        तूफान को भी आना है ।
समझे या ना समझे ,
                       वो अंदाज मुहब्बत के    ।
एक खास शख्स को ,
                 आंखों से एक शेर सुनाना है ।
भोली सी अदा कोई ,
                    फिर इश्क की जिद पर है।
फिर आग का दरिया है ,
                           और डूब के जाना है।।
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Sunday, 19 January 2020

" दर्दे दिल की कलम"

चांद अधूरा है सितारों के बिना ,
          गुलशन अधूरा है बहारों के बिना ।
समुंदर अधूरा है किनारों के बिना ,
   जिना अधूरा है तुम जैसे यारों के बिना।।


गुज़रे हुए कल की याद आती है ,
          कुछ लम्हों  से आंख भर आती है ।
वो सुबह हसीन हो जाती है ,
    जब आप जैसे दोस्तों की याद आती है ।
                                                   दोस्त ने दोस्ती के लिए दोस्त को भूला                               दिया,
क्या हुआ जो किसी के लिए मुझे भूला                              दिया।
हम तो अकेले थे अकेले ही रहें , 
क्या हुआ जो आपने हमें एहसास दिला                              दिया।।

जिंदगी को गले लगाने को दिल चाहता है ,
    मौत से गले मिलने को दिल चाहता है  ।
जब आ जाती है याद तुम्हारी तो ,
           पास आ जाने को दिल चाहता है ।

जिंदगी किसी की मोहताज नहीं होती ,
              दोस्ती सिर्फ जज़्बात नहीं होती ।
कुछ तो ख्याल आया होगा रब को ,
                   वरना यूं ही हमसे आपकी मुलाकात नहीं होती।।


फूलों से भी क्या दोस्ती करनी ,
               कुछ पल बाद मुरझा जाते हैं ।
दोस्ती करो तो कांटों से करो ,
           जो चुभने के बाद भी याद आते हैं  

होती नहीं मुहब्बत सूरत से ,
                   मुहब्बत तो दिल से होती है ।
सूरत उनकी खुद ही प्यारी लगती है ,
               क़दर जिनकी दिल में होती है ।

रहेंगे गुलशन तो फ़ूल खिलते रहेंगे ,
         रहेगी जिंदगी तो हम मिलते रहेंगे ।।


जाकर खुदा के मंदिर में फरियाद करते हैं,
जुबान से कह नहीं सकते पर ,
                  दिल से बहुत प्यार करते हैं ।
  
तपन सूरज में होती है ,
                   तड़पना धरती को पड़ता है ।
मुहब्बत आंखों से होती है ,
                    तड़पना दिल को पड़ता है ।


प्यार दीजिए हजार मगर दिल ना दीजिए,
उल्फत बुरी बला है हरगिज ना कीजिए ।


तू जो हंसती है तो बिजली सी चमक जाती
                      है,
 तेरे चेहरे से गुलाब की महक सी आती है ।


किसको सुनाएं हाले दिल ,
                         किससे करुं फरियाद ।
सब कुछ मांग लिया तुझको मांगकर ,
 उठते नहीं है हाथ ,
                         मेरे इस दुआ के बाद ।।


कोई कह दे मुहब्बत के इन खरीदारों से,  प्यार वो सह है जो मिलता नहीं बाजारों में।
अरे हम तो पहले ही मुहब्बत 
                                    में जले बैठे हैं ,
क्यो डराते हो हमें  
                             दहकते अंगारों से ।।


जिंदगी में शायद आप मुझे भूला देंगे ,
      पर हम आपको हर लम्हा याद करेंगे ।
मुहब्बत की कसम ऐ मेरे महबूब तुम एक
                          आवाज देकर देखना,
हम कब्र से भी उठकर चले आएंगे       ।।


तेरी याद को मैं भूला सकता नहीं ,
      तेरी तस्वीर दिल से मिटा सकता नहीं ।
सोचता हूं जिन्दगी को मिटा दूं ,।           पर ये जिंदगी भी तेरी है 
                        इसे जला सकता नहीं ।।


उम्र की राह में इंसान बदल जाता है ,
   वक्त की आंधी में तूफान बदल जाता है ।
सोचता हूं तुम्हें परेशान ना करूं लेकिन,
  बाद में दिल का अरमान बदल जाता है ।।


दिल के रिश्ते भी अजीब होते हैं ,
                दूर रहकर भी करीब होते हैं ।
 जो लोग आपको रोज देखते हैं ,
        वो लोग कितने खुशनशीब  होते हैं ।।


एक आह सी दिल में उठती है ,
                     एक दर्द जिगर में होता है ।
मैं रात में उठकर रोता हूं ,
                   जब सारा आलम सोता है ।।


ना गिला करता हूं ,
                           ना शिकवा करता हूं ।
तू सलामत रहे ,
                       बस यही दुआ करता हूं ।।


लुभाकर आम की डाली ,
                        झुकाकर तोड़ ना लेना ।
निभा कर प्यार के रिश्ते ,
                          निगाहें मोड़ ना लेना ।।


हम यूं तो गिरावट की जिंदगी जिया नहीं                            करते,
ऐसे किसी का पीछा किया नहीं करते   ।
वो दिल ही था जो तुमपे आ गया ,
वरना हम किसी को दिल दिया नहीं करते।


फूल तो बहुत है ,
                         पर आप सा नहीं       ।
आशिक तो बहुत है ,
                         मगर आप सा नहीं     ।।


मेरे सामने महफिल में आये बैठे हैं ,
      अपने हाथों में मेरा दिल दबाए बैठे हैं ।
जब मैंने पूछा कि क्या है हाथों में ,
   बहाना बना दिये , मेंहदी लगाए बैठे हैं ।।


उलझेंगे ना हम दामन से तेरे ,
                          राहों की ख़ास बनकर ।
जैसे रही हो वैसे ही रहोगी तुम,
                      मेरे दिल में प्यार बनकर ।।


अभी तो चांद निकला है ,
                          अभी तो रात बाकी है ।
दिल से दिल की कहानी है ,
                   अभी तो पूरी बात बाकी है।।


सावन की इस नशीली बारिश में ,
                      अकेली नहाकर ना जाओ
निंद हमें कहा आती है ,
                     ख्वाबों में आकर ना जाओ।
तन दहकाकर ना जाओ ,
                        दिल जलाकर ना जाओ
आओ सीने से मेरे लग जाओ,
            दिल दूर से ही तोड़ कर ना जाओ 
दिल ने ऐसे कुछ आपसे सुनाए होंगे 
         अश्क आंखों ने और ना बहाएं होंगे 
ग़म हंसी छुपाने को हंसी में बदल गये होंगे 
नाम पर जब उसका आंखों से 
                         आंसू निकल गए होंगे ।।


क्या पता मौत का पैगाम कब आ जाए,
    जिंदगी की आखिरी शाम कब आ जाए।
हम उस मौके का तलाश करते हैं दोस्त , कि ये जिंदगी भी किसी के काम आ जाए ।


कोई किसी के करीब होता है ,
              ये अपना -अपना नसीब होता है।
जब याद आता है किसी का ,
            कोई दर्द दिल के करीब होता है ।।

जिंदगी है जब तक                                                          तेरे फंसाने याद आएंगे ,
कसक बनकर मुहब्बत के                                                         तराने याद आएंगे।


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Sunday, 12 January 2020

" Dard bhare shayari. "

हम ख़ुशी में आपकी बात करते हैं ,
       सलामत रहे तू ये फरियाद करते हैं ।
पर एक मैसेज से क्या बताएं ,
       हम आपको कितना याद करते हैं।                     🌺🌺🌺🌺
दोस्ती ग़ज़ल है गुनगुनाने के लिए ,
         दोस्ती नगमा है सुनाने के लिए ।
ये वो जुबान है जो सबको मिलता नहीं   क्योंकि हौसला चाहिए दोस्ती निभाने के                           लिए।।                                  🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

ऐ दोस्त तू जब भी उदास होगा ,
           मेरा ख्याल तेरे पास होगा ।
दिल की गहराइयों से जब भी करोगे याद                           हमें  ,
तुम्हे हमारे करीब आने का एहसास होगा ।
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इतनी छोटी सी नहीं दोस्ती अपनी ,
           कैसे सोच लिया किनारा आ गया ।
ले लो मोबाइल में हो गई रोशनी ,
         शायद मेरी जान का पैगाम आ गया।
       🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
किस्मत पे ऐतबार किसको है ,
      मिल जाए खुशी से इन्कार किसको है।
कुछ मजबुरियां भी है जिंदगी में यार ,
           वरना जुदाई से प्यार किसको है ।
  🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
खुद को मुहब्बत फन्ना कौन करेगा ,
   सभी नेक बन गये तो गुनाह कौन करेगा।
ऐ खुदा सनम बेवफा को बचाए रखना ,
    वरना हमारी मौत की दुआ कौन करेगा ।
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आंखों में है गमों के आंसू ,
                    और होंठों पर फरियाद है ।
और क्या है अब पास हमारे ,
                   बस एक तेरी मीठी याद है ।
               🌺🌺🌺🌺🌺
मन में सबका अरमान नहीं होता ,
       हर कोई दिल का मेहमान नहीं होता ।
पर जो एक बार दिल में समा जाए ,
        उसे भूल जाना आसान नहीं होता ।
               🌺🌺🌺🌺🌺
निगाहें आंसूओं के परदे हटाती है ,
 एक छोटी सी एक प्यारी सी दोस्ती को 
         दुनिया कितनी सताती है ।
मत हार गिरकर ओ मुसाफिर ,
    ठोकरें ही इंसान को चलना सिखाती है ।
             🌺🌺🌺🌺🌺
हर यार यार नहीं होता ,
                हर दोस्त वफादार नहीं होता ।
दिल आने की बात है वरना ,
      सात फेरों के बाद भी प्यार नहीं होता।
               🌺🌺🌺🌺🌺
वक्त नूर को बेनूर कर देता है ,
        थोड़े से जख्म को नासूर कर देता है ।
कौन चाहता है अपनों से दूर होना ,
        पर वक्त सबको मजबूर कर देता है  ।                🌺🌺🌺🌺🌺
पास आकर भी सभी दूर चले जाते हैं ,
        हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं ।
दिल का दर्द किसको दिखाएं ,
     मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं।
                🌺🌺🌺🌺🌺
यादों में हमारी आप भी खोए होंगे ,
   खुली आंखों से कभी आप भी सोए होंगे।
माना हंसना है अदा गम भुलाने की ,
  पर हंसते -हंसते कभी आप भी रोए होंगे।
                🌺🌺🌺🌺🌺
मेरा इकरार तेरे इंकार से बेहतर होगा ,
     मेरा दिन भी तेरी रात से बेहतर होगा ।यकीन नहीं तो डोली से झांककर देखलेना      मेरा जनाजा भी तेरी बारात से बेहतर                           होगा।।
               🌺🌺🌺🌺🌺
प्यार करके भुलाना ना आया हमें ,
   किसी के दिल को मनाना ना आया हमें ।
किसी के लिए तड़पना तो सीख लिया ,
    पर किसी को तड़पाना ना आया हमें  ।                🌺🌺🌺🌺🌺
क्या कहूं तुझे ,ख्वाब कहूं तो टूट जाएगा,
        फूल कहूं तो बिखर जाएगा ।
आ तेरा नाम जिंदगी रख दूं ,
      मौत से पहले तो तेरा साथ ना छूटेगा।
                🌺🌺🌺🌺🌺
आरज़ू अब ज्यादा जिने की नहीं है ,
     मगर मरने का भी कोई इरादा नहीं है ।
क्या तुमको याद दिलाऊं तुम्हारी कसमें ,
 जब याद तुमको अपना कोई वादा नहीं है।
               🌺🌺🌺🌺🌺
बहुत खुशनुमा कल की रात गुजरी है ,
        कुछ तनहा पर कुछ खास गुजरी है ।
ना निंद आई ना ख्वाब कोई ,
       बस आपके ख्यालों के साथ गुजरी है।
              🌺🌺🌺🌺🌺
तोड़कर दिल मेरा तुम पछतावोगी बहुत ,
       याद में हमारी अश्क बहावोगी बहुत।
हम वो हैं जो मुड़कर नहीं देखा करते              लौटकर ना आएंगे वैसे तुम बुलाओगी                        बहुत।।
              🌺🌺🌺🌺🌺
मुस्कुराकर मिला करो हमसे ,
             कुछ कहा कुछ सुना करो हमसे ।
बात करने से ही बात बनती हैं जनाब ,
         इसलिए रोज़ बात किया करो हमसे।
               🌺🌺🌺🌺🌺
ग़म की आंधियां ऐसी चली ,
                              हम तुम बिछड़ गए ।
आंसू भी पूछने लगे हमसे ,
                      आपके साथी किधर गए।।
                 🌺🌺🌺🌺🌺
किस्मत से अपनी सबको ,                                              शिकायत क्यों  होती है । जो नहीं मिलता उसी से
                          मुहब्बत क्यो होती है ।
कितने खड़े हैं राहों में दिल के फिर भी ,
     दिल को उसी की चाहत क्यों होती हैं ।
               🌺🌺🌺🌺🌺
खुशी से दिल को आबाद करना ,
        और ग़म से दिल को आजाद करना ।
हमारी बस इतनी गुजारिश है कि ,
       हमें भी दिन में एक बार याद करना ।।
                🌺🌺🌺🌺🌺
कैसा अजब जमाना है ,
              कौन समझा है किसने जाना है ।
काश हमसे वो जुदा ना होते ,
        जिस पर आज भी ये दिल दिवाना है।
               🌺🌺🌺🌺🌺
हर घड़ी सोचते हैं भलाई तेरी ,
                     सुन नहीं सकते बुराई तेरी ।
हंसते-हंसते रो पड़ती है आंखें मेरी ,
                 इस तरह सहते हैं जुदाई तेरी ।
               🌺🌺🌺🌺🌺
समेटों सितारों को होंठों में अपने ,
             बहुत दूर तक रात ही रात होगी ।
मुसाफिर है हम भी मुसाफिर हो तुम भी ,
          कहीं ना कहीं फिर मुलाकात होगी।
                  🌺🌺🌺🌺🌺
मेरी हर खता पे नाराज़ ना होना ,
   अपनी प्यारी सी मुस्कान कभी ना खोना।
सुकून मिलता है देखकर आपकी हंसी को,
    मुझे मौत भी आ जाए तो भी ना रोना ।।
                🌺🌺🌺🌺🌺
दिल की हसरत जुबान पर आने लगी ,
    तुमने देखा और जिंदगी मुस्कुराने लगी ।
ये दोस्ती थी या मेरी दिवानगी ,
   हर सूरत में सूरत तेरी नज़र आने लगी ।।
               🌺🌺🌺🌺🌺
हमने तन्हाई में जंजीर से बातें की है,
      अपनी सोई हुई तकदीर से बातें की है।
तेरे दिदार की क्या ख़ाक तमन्ना होगी ,
     जिंदगी भर तेरी तस्बीर से बातें की है।।
               🌺🌺🌺🌺🌺
जिंदगी में एक पल भी सुकून ना पाया , दुनिया की इस भीड़ में खुद को तनहा पाया तेरे दिए जख्मों को प्यार समझते रहे तेरी इसी भुलावे के पीछे किसी और से                      दिल ना लगाया ।।
                🌺🌺🌺🌺🌺
प्यार में तेरे हम इस कदर खो गये है , जमाने से बेखबर हम तेरे दिल में सो गये है 
मत उठाना अब हमें अपने दिल की गोद से
हम सदा के लिए अब तुम्हारे हो गये है  ।।
               🌺🌺🌺🌺🌺
आंखों में रहने वालों को याद नही करते ,
     दिल में रहने वालों की बात नहीं करते ।
मेरे तो रुह में बस गए हो तुम तभी तो ,              हम मिलने की फरियाद नहीं करते।।
               🌺🌺🌺🌺🌺
मेरी भावनाओं से जुड़े हुए है आपके तार,
आपसे मिलने को हम है कितने बेकरार ।
आंखों में नींद ना दिल को करार ,
      जल्दी से भेजो मुझे अपना समाचार।।
                🌺🌺🌺🌺🌺
तेरे चेहरे की चमक सदा बनी रहे ,
            हंसी इन लवों पर सदा सजी रहें।
दूर रखें खुदा सारे गमों से तुझे ,
           खुशी तेरे दामन में सदा बनी रहे ।।
                 🌺🌺🌺🌺🌺
हर अश्क का मतलब गम नहीं होता ,
       दुरियां बढ़ने से प्यार कम नहीं होता ।
वक्त बेवक्त हो जाती है आंखें नम ,
    क्योंकि यादों का कोई मौसम नही होता।
                🌺🌺🌺🌺🌺
सोचता हूं इन सागर की लहरों को देखकर ,
 क्यों ये किनारे से टकराकर लौट जाती है ।
करती है ये किनारे से बेवफ़ाई ,
                या सागर से वफ़ा निभाती है ।।
                 🌺🌺🌺🌺🌺
गमों में हंसने वालों को रूलाया नहीं जाता ,
       लहरों से पानी को हटाया नहीं जाता ।
बनने वाले बन जाते है अपने ,      किसी को कहके अपना बनाया नही जाता 
                   🌺🌺🌺🌺














Tuesday, 7 January 2020

"Shayaro ki Mahfil"

यादों में हमारी आप भी खोए होंगे ,
     खुली आंखों से कभी आप सोए होंगे ।
माना हंसना है अदा गम भुलाने की          पर हंसते -हंसते कभी आप भी रोए होंगे ।

मेरा इन्कार तेरे इकरार से बेहतर होगा ,
     मेरा दिन भी तेरी रात से बेहतर होगा ।
यकीन नहीं तो डोली से झांककर देख लेना
मेरा जनाजा भी तेरी बारात से बेहतर होगा

 प्यार करके भुलाना ना आया हमें ,
   किसी के दिल को मनाना ना आया हमें ।
किसी से तड़पना तो सीख लिया हमने ,
    पर किसी को तड़पाना ना आया हमें  ।।

क्या कहूं तुझे ख्वाब कहूं तो टूट जाएगा,
                दिल कहूं तो बिखर जाएगा ।
आ तेरा नाम जिंदगी रख दूं ,
      मौत से पहले तो तेरा साथ ना छूटेगा ।

आरज़ू अब ज्यादा जिने की नहीं है ,
     मगर मरने का भी कोई  इरादा नहीं है ।
क्या तुमको  याद दिलाऊं तुम्हारी कसमें 
जब याद तुमको अपना कोई वादा नहीं है ।

बहुत खुशनुमा कल की रात गुजरी है ,
    कुछ तनहा पर कुछ खास गुजरी है ।
ना निंद आई ना ख्वाब कोई ,
बस आप ही के खयालों के साथ गुजरी है ।

तोड़कर दिल मेरा तुम पछतावोगी बहुत ,
     याद में हमारी अश्क बहावोगी जरुर ।हम वो हैं जो मुड़कर नहीं देखा  करते लौटकर ना आएंगे वैसे तुम बुलावोगी बहुत

मुस्कुराकर मिला करो हमसे ,
           कुछ कहा कुछ सुना करो हमसे ।
बात करने से ही बात बढ़ती है जनाब ,
      इसलिए रोज़ बात किया करो हमसे ।।
 
गम की आंधियां ऐसी चली हम -तुम                       बिछड़ गए,
आंसू भी पूछने लगे हमसे ,
                 तुम्हारे साथी किधर गए ।।


क़िस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों                          होती   है ,
जो नहीं मिलता है ,
             उसी से मुहब्बत क्यों होती  हैं ।
कितने खड़े हैं राहों में दिल के फिर भी ,
     दिल को उसी की चाहत क्यों होती है ।

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Thursday, 26 December 2019

" मस्त - मस्त शायरी "

जिंदगी जी तो कौन सी जी मैंने ,
             किस्मत में लिखा था तो पी मैंने ।
अगर मैं ना पीता तो होता बर्बाद ,
         थोड़ी सी पीकर क्या खता की मैंने।।

अंजान बनकर वो मुझे बेजान कर गया ,
          साथी का कत्ल सरेआम कर गया ।
महसूस तो होती थी उनकी हकीकत ,मैं मुफ्त में अपनी जिंदगी कुर्बान कर गया ।।

तेरी यादों में ये दिल बेकरार होगा ,
     हमें मालूम न था इस क़दर प्यार होगा ।
जाने कब खत्म होगी ये तन्हाइयां,
    हर पल अब तो तेरा ही इंतजार होगा ।।
 
आंख अगर खुलकर बरस जाए तो क्या                          होगा ,
दिल का हर घाव उभर जाए तो क्या होगा ।
ऐ मुर्दों को कफन देने वाले  अगर  ,      मुर्दो में भी जान आ जाए तो क्या  होगा ।।

एहसान मेरे दिल पर तुम्हारा है दोस्तों ,
ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों ।
बनता है मेरा काम तुम्हारे ही नाम से ,
बचपन तुम्हारे साथ गुजारा है दोस्तों ।।

ना समझे राज दिल का वो ज़ालिम 
                प्यार का जाने ,
तड़पते दिल की हालत हुस्न की दीवार 
                   क्या जाने ।
तुम्हे तो कत्ल करना और तड़पाना ही 
                    आता है ।
गला किसका कटा क्यों कटा ये तलवार
                    क्या जाने ।।

ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया ,
ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनिया ।
ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया ,
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है।

तेरी गलियों में हम जिस दिन से आ बैठें हैं ,
गमें दुनिया से हम दिल लगा बैठे हैं   ।
जिस क़दर डस रहा है मुहब्बत का रोग ,
हम यह किससे कहां दिल लगा बैठे    ।।

तुम तो सोती होगी चैन की नींद ,
        हम तुम्हारी यादों में ही सो लेते हैं ।
पलकों को आपकी राह में बिछाकर ,
        अपने लवों को हम सी लेते हैं ।।

शब्दहीन नंगे अर्थ लेकर जिंदगी जिता हूं ,
प्यार के नाम पर कड़वे घूंट पीता हूं ।
लोग प्यार करते हैं एक झिझक के साथ ,
मैं उसी झिझक के बीच जीता -मरता हूं ।।

बेसहारा बेनकाब ना कोई कर दे ,
    यही तकरार लेकर मन में सांस लेता हूं ।
प्यार के नाम पर जलती है दुनिया तो जले ,
मैं तो इसी तमन्ना के सहारे जिता हूं ।।

लोग नफ़रत से देखें तो कोई बात नहीं ,
     तेरी नज़र में बस प्यार हो तो बात बने ।
दुनिया की परवाह क्या वो  कहती ही रहें ,
तू मुझे प्यार से बांहों में भरे तो बात बने ।।

 जीने का राज़ मैंने मुहब्बत से पा लिया ,
जिसका भी गम मिला उसे अपना बना                             लिया ।
जब सुनाने को कोई ना मिला दास्तानें गम ,
तो आइना रखकर सामने ख़ुद को रूला                              लिया।।

बर्बाद हो गये हम , उन्हें अपना समझ के ।
कुछ पा न सके सिवाय , गम के हम दिल                           लगा के ।।
 
मुहब्बत के जाम हमने पीये थे चूम -चूम के अब पीने पड़ रहे हैं जाम  खून -खून के  ।।

अक्सर जब हम आपको देखते हैं ,
        अपने रब से यहीं फरियाद करते हैं ।
उम्र हमारी भी लग जाये आपको क्योंकि ,
हम आपको खुद से भी ज्यादा प्यार करते                             हैैं ।।

जन्नत की परी हो तुम दुनिया में क्यो आई                            हो ,
संगमरमर सा ये जिस्म कहा से पाईं हो ।
       तुम सा हसीं कभी देखा ही नहीं ,
लगता है शबनम में नहाकर आईं हो ।।

जब भी आपसे मिलने की तकदीर नज़र                          आई ,
एहसास के पैरों पर जंजीर नज़र आई ।
जब गौर किया गिरते हुए आंसुओं पर ,
हर आंसू पर सिर्फ तेरी तस्बीर नजर आई।

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Tuesday, 24 December 2019

"शायरों की महफिल "

जरा नेक राहों पे चलके तो देखो ,
      मुहब्बत के सांचे में ढलकर तो देखो ।
बदल जाएगा खुद बखुद जमाना ,
       तुम खुद को पहले बदलकर तो देखो।

मिले बन के भाई जो उसको गले लगा लेंगे ,
पर वो हम नहीं जो दुश्मनों को सर चढा                                लेंगे।              अमन के हम पुजारी है मगर देश केखातिर , ज़मीन पे दुश्मनों के खून की दरिया बहा                           देंगे ।

तू गई मेरी जिंदगी चलीं गईं ,
      बैठा हूं अंधकार में रोशनी चली गई।
तड़पता हूं तड़पते दिल को लेकर ,अब                  आइना भी कहता है ,
कि तेरे होंठों की हंसी चली गई          ।


बस में होता तो तुझे मशहूर कर देता   ,
 तेरी उन मद भरी आंखों को नशें में 
                 चूर कर देता ।
अगर न होता ज़माने का डर तो   ,
 तेरी मांग में सिंदूर भर देता        ।

नेकी वदी ज़माने को समझा बुझा के पी ,
 गर पीना चाहती हो तो थोड़ा और 
                 मिला के पी ।
अगर ये दिल नहीं मानता इतना शुरुर है तो 
    शाकी के पास बैठ नजरें मिला के पी ।

किसी के लाश पे फूलों की झड़ी होती है ,
 किसी की लाश बेनकाब पड़ीं होती है ।
ऐ चलने वाले मुसाफिर जरा देख के चल,
न जाने किस मोड़ पर मौत खड़ी होती है ।

उम्र की राह में इंसान बदल जाता है ,    बात की आंधी में जहां बदल जाता है ।
गलती मेरी नहीं खुदा की कसम यारों , हुस्न को देख सबका इमान बदल जाता है।

ये फेस मेरे डियर की फाइन है दोस्तों ,
 इसकी निगाहें मस्त और वाइन है दोस्तों ।
इसकी गाल पर जो साइन देख रहे हैं ,
    वो मेरे कलम की साइन है दोस्तों       ।

मांगा था मैं खुदा  ,
                   तुझे अपनी जिंदगी के लिए ।
तूने मेरा दिल तोड़ा ,
                     औरों की खुशी के लिए    ।

ज़ख्मों पे जख्म लगाता है जमाना ,
  हर तरह से गरीबों को सताता है जमाना।
अरे, क्या हमने जमाने में बिगाड़ा है किसी                          का,
क्यों हमें निगाहों से गिराता है जमाना     ।

मुहब्बत दर्द होती हैं ,
                       मुहब्बत गम नहीं होती ।
किसी के दूर रहने से ,
                       मुहब्बत कम नहीं होती ।

मुहब्बत नाम है किसका ,
                       शुरू कहा से होता है ।
इसे पैदा किया किसने ,
                     खत्म कहा पे होता हैं ।

मुहब्बत नाम है दिल का ,
                   शुरू आंखों से होता है ।
इसे पैदा किया गम ने ,
                    खत्म सांसों से होता है ।

तुझे देखेंगे सितारे तो जिया मांगेंगे ,
           प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगे ।
अपने कंधे से दुपट्टा न सरकने देना ,
       वरना बुढ़े भी जवानी की दुआ मांगेंगे।

ज़मीं तांवे की होगी आसमां फौलाद का                              होगा,
मुहब्बत तख्त पे होंगे ,
                      अदालत में खुदा होगा ।
सितारे टूट जाएंगे ,
                   धरा पर जल जला होगा ।
उस दिन न बाप बेटे का ,
                        न बेटा बाप का होगा ।

कोई तीर आता तो खाली नहीं जाता  मायुस खुदा के दर से कोई सवाली नहीं                         जाता ।
अरे कांटे ही किया करते हैं फूलों की 
                 हिफाजत ,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं आता ।

चौदहवीं की रात थी 
                   सब कर रहा चर्चा तेरा ।
किसी ने कहा चांद है
                   किसी ने कहा चेहरा तेरा ।
मैं भी वहां मौजूद था 
                   मुझसे भी पूछा ये क्या हैं।
मैंने हंस दिया और चुप रहा
                 क्योंकि मंजूर था परदा तेरा।।

हर संगीत में साज होता है 
                     हर आंखों में राज होता है ।
मेरी औकात ही क्या है मेरे दोस्त 
             चमकते चांद में भी दाग़ होता है ।

नदी किनारे कौआ बैठा 
                          मैं सोचा की तोता है ।
जब याद तुम्हारी आती है 
                  तो दिल छुप छुप के रोता है ।

वो कल की मुलाकात भूल जाते हैं ,
              गुजरी हुई हर बात भूल जाते हैं ।
चंद लम्हों का सहारा पाकर ,
         लोग अपनी औकात भूल जाते हैं ।।

अब तो घबरा के कहते हैं कि मर जाएंगे ,
मर के भी चैन न मिला तो किधर जाएंगे।
हम वो नहीं जो करे उनका दावा खुद से,
बल्कि पूछेगा खुदा भी तो मुकर जाएंगे।।

मर गये हम तरसते- तरसते ,
                  हमको ऐसी जुदाई मिली हैं।
आशिकों का जहां जल रहा है ,
                  और उनको खुदाई मिली है।।

बाग में फूल बनकर महकना प्रिये ,
         मैं धरा पर सागर सा बरस जाऊंगा ।
प्यार से तुमको चुमेगी दुनिया  सारी ,
        मैं तेरी एक नजर को तरस जाऊंगा ।।

तेरी चाहत में सब कुछ भूला बैठा ,
             इसी बीच तुझे अपना बना बैठा ।
मुझे माफ़ करना ऐ मेरे दोस्त ,
        तेरी दोस्ती को मैं प्यार समझ बैठा ।।


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हो के रुशवा मुहब्बत की सौगात जा रही है,
मैयत किसी गरीब की आधी रात जा रही है।
उनके घर के सामने से निकला मेरा जनाजा ,
और उन्हें लगा कि किसी की बारात जा रही है।

मैंने अपना दिल जलाकर उनको रोशनी दे दी ,
खुद उठाया गम मैंने और उन्हें खुशी दे दी  ।
मगर वो ना समझ पाये मेरी अहमियत को ,
जिनके लिए हमने तो अपनी जिंदगी दे दी।।

 मुहब्बत में कभी हां करती हो,
                                कभी ना करती हो ।
करना है तो कऱो मुहब्बत ,
        वरना क्यों मुहब्बत को बदनाम करती हो।।

जिने वाले कजा से डरते हैं ,
                            पीने  वाले दवा से डरते हैं ।
चाहे वो तुम हो या नसीब अपना ,
                  हम तो हर एक बेवफा से डरते हैं ।


बदनसीब जब खुशनसीब हो तो ,
                               आंसू पीकर झूम लेते हैं ।
सहन नहीं होती तेरी जुदाई तो 
                             तेरा नाम लेकर जी लेते है।

                       "  दोस्ती  "
दोस्ती त्याग मांगती है और इम्तहान लेती है । दोस्ती और रिश्ते बनाए रखने में त्याग, निष्ठा और
समझदारी की जरूरत होती है ।स्वार्थ की भावना
दोस्ती को तोड़ देती है । हल्के - फुल्के रिश्ते तो 
आसानी से बन जाते है लेकिन सच्ची दोस्ती बनाने और बनाए रखने में समय और प्रयास की जरूरत नहीं होती ।सच्ची दोस्ती जितना लेती है उससे कहीं ज्यादा देती है और दुःख में भी मजबूत खम्भे की तरह टिकी रहती है । आपसी विश्वास और भरोसा हर दोस्ती की बुनियाद है।।

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                        " चरित्र   "
चरित्र व्यक्ति के नैतिक मूल्यों, विश्वासो और शख्सियत से मिलकर बनता है। यह हमारे व्यवहार और कार्यो में झलकता है । इसे दुनिया की बेशुमार दौलत से भी ज्यादा सम्भालकर रखने की जरूरत होती है।
       
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Sunday, 22 December 2019

" शायरों की महफिल "

# रात भर जागती आंखों को बधाई देगा,
        चांद निकलेगा तो खिड़की से दिखाई देगा ,
ये मुहब्बत है ज़रा सोच समझकर रोना ,
एक आंसू भी टूटा तो दिखाई देगा ।

#जाने कब मौत का पैगाम आ जाय,
मेरी जिंदगी की आखिरी शाम  आ जाय ।
ऐ मेरे दोस्त दुआ है मेरी रब से कि,
मेरी जिंदगी तेरे जिंदगी के काम आ जाय।

#शाम भी उदास है सुबह भी उदास होगी ,
कल शबनम से भरी मेरी लाश होंगी ।
पहुंचा देना ऐ दफन करने वाले ,
जिसकी तस्वीर मेरे सीने के पास होगी ।

#तू कहीं भी रहे सर पे तेेेेेेरे इल्जाम तो है,
तेरे हाथों के लकीरों पे मेरा नाम तो है ।
मुझको तू अपना बना या न बना तेरी खुशी,
तू मेरे नाम से इस दुनिया में बदनाम तो है ।

#मै एक शाम चुराया तो बुरा मान गए,
आइना सामने आया तो बुरा मान गए ।
उनकी हर रात जलती है दिपावली की तरह ,
मैंने एक दीप जलाया तो बुरा मान गए ।

#सलाम याद रखना पैगाम याद रखना ,
सिर्फ इतनी आरज़ू है मेरा नाम याद रखना ।
#ये हुस्न तमन्ना ये नजाात कहा से आ गई,
तुझमें रुठ जाने की आदत कहा से आ गई ।
तुमने तो कल कहा था कि बिस्तर से उठा नहीं जाता ,
उठा ले गई दुनिया मेरी तुझमें इतनी ताकत कहां से आ गई?

#अगर मैं मर गया तो मेरे कब्र पर मत आना ,
अगर आना तो दो फूल न लाना ।
अगर फूल लाना तो उसे मत चढ़ाना ,
क्योंकि मैं पहले से ही दबा हूं मुझे और मत दबा -ना।

किताबें जुल्म को भी साहिबे दिवान कहता है ,
वो अपनी बदख्याली को अब इंसान कहता है।
तमन्ना है कि उसका नाम मैं हिन्दुस्तान रख दूं ,
मगर जालिम अपने को सदा पाकिस्तान कहता है।

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Thursday, 19 September 2019

" जी बहुत चाहता है "

जब मै सोता रहूँ , मेरे होठों पर
अपने होठ रख दो ,
मै गरम स्पंदन से सचेत होकर आँखें खोलूँ,
तो तुम्हारा चेहरा मेरे चेहरे पर झुका हो ।

जी बहुत चाहता है
हमारे काँच जैसे सपने
काश कभी ना टूटे
ऐसा हो तो भी मुझे सपने टूटने की आवाज
सुनने ना देना ।

अगर ऐसा हो भी गया तो मै ,
काँच जैसे बिखर जाऊँगा ।

जी बहुत चाहता है
मै हमेशा तुम्हारी प्रेरणा बना रहूँ
अगर ऐसा ना हो तो
तुम्हारी जिन्दगी मे दूसरी प्रेरणा का
एहसास
कम - से - कम मुझे ना हो ,
तुम्हें करीब से देखने को
जी बहुत चाहता है ।
"💐💐💐💐💐💐💐💐"





Sunday, 15 September 2019

" सब खामोश हैं "

आदमी से आदमी डरने लगा है आजकल ,दिन दहाड़े भीड़ मे कोई भी हो जाता है सबल ।

है पुलिस थाना कचहरी पर सभी खामोश है ,
कर दिया घीसू को लहठन चौधरी ने बेदखल ।

देगची तक लूटकर जुम्मन की डाकू ले गए , 
कह दिया थाने ने उससे हट हरामी चल निकल ।

है अगर जिना तुझे इस दौर मे तो जान ले ,
क्योंं लडाई कर रहा खामोश हो जा कम अकल।

खो गई पहचान अब सारी शराफत की यहाँ  ,
आज नेता माफिया लगते है जुड़वा हम शकल ।

वह पुराणों मे नही है और ना विश्वास मेंं
देखना है स्वर्ग अगर ,देखें मंत्री आवास मे ।

स्वर्ग की सीढ़ी बनी है राजनीति आजकल की ,
क्यों उलझते आप सर्विस की बुरी बकवास मे ।

मंत्री राजा यहाँ के एम.पी. ही है देवता ,
स्वर्ग मे जो भी बताते वह सभी है पास मे ।

आपको पानी नहीं मिलता परेशान हो रहे ,
पी रहे दारू लगाकर कुर्सियां वो घास मे ।

स्वर्ग मे रहते है जीवित , स्वर्गवासी मर बने ,
है धरावासी मगर वो घुमते आकाश मे । 

🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂

देखिए चुपचाप जो भी हो रहा है आजकल ,
क्यों बना बैठा है निर्बल मित्र बन तू भी सबल ।

जीत जाए तो मजे कुर्सी के लेना पाँच साल ,
हार जाए यदि कभी तो चूक मत फिर दल बदल। 
एक बोरा नोट दस गुंडे लगा ले साथ मे ,
फिर समस्या कौन सी है ,जो नही हो पाए हल ।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐

" सही सलामत है "

इन्द्रधनुष जैसी सतरंगी दुनिया सही सलामत है ,
आँखें उजड़ गई तो क्या है ,सपना सही सलामत है।

जिसका इक - इक तिनका यारों बर्षों पहले बिखर गया ,
मेरी नजर मे उस घर का नक्शा सही सलामत  है ।

हालातों ने कील ठोक दी बेशक अपने सीने मेंं,
मगर गांव मे जाकर सबसे कहना सही सलामत है ।

जिसके शब्दों को हमने आँसू जल से लिखा था ,
उस किताब का अब तक पन्ना-पन्ना सही सलामत है ।

आने वाला वक्त गढ़ेंगे हम खुद अपने हाथों से , 
तन का सबल टूट गया पर मन का सही सलामत है ।

जिस भय की खातिर युग-युग से , हम मर-मर के जिते है ,
जिस सुबह के अमृत की धुन मे , हम जहर के प्याले पीते है ,
इन भूखी प्यासी रूहों पर इक दिन तो करम फरमाएगी ,
वो सुबह कभी तो आएगी ।
,💐💐💐💐💐💐💐💐
ये महलों ये तख्तों ,ये ताजों की दुनिया ,
ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनिया ,
ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया ,
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है ?
🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂



Thursday, 12 September 2019

" एहसास "

जिन्दगी के हर मोड़ पे मैं
 कुछ पल रुक सकता हूँ ।
देखता हूँ मुड़कर 
शायद,
तुम आ जाओ  
जानता हूँ......। 
तुम नही आओगी पर  
मन के किसी 
अज्ञात कोटर मे छुपे 
तुम्हारे आने के एहसास 
को मिटा नही पाता ....।
इसी एहसास के दम पर ,
मैंने..
तय की है इतनी दुरियाँँ , संभव है 
तय कर जाऊँ सारी उम्र ...।
इसी बहाने ,
जब ईश्वर के सामने बैठता हूँ ...
जी चाहता है 
मन्नतें मांगू ,
मन की बात कहूँ 
और कुछ  सवाल कर लूँ ..।
और सवालों के बहाने 
जब तुम याद आ ही गये हो ,
तो चुपके से तुम्हारा ख्याल कर लूँ ....।

                             ...💐💐💐💐

Sunday, 1 September 2019

Mere Jeevan ki kahani: तुम न आए मगर ......

Mere Jeevan ki kahani: तुम न आए मगर ......: हर शाम तेरी यादों का लगता पहरा , खामोशियों से खेलती धड़कनों को भी  जैसे ख्याल है तेरा । हर मोड़ पर दिल तुम्हें ढूँढता फिरता, पर हर...

" बदल भी जाओ "

कितना वफा करोगे बेवफा के लिए ,
बदल भी जाओ अब अपनो के लिए।

बहुत याद आए जो अकेला छोड़ गए ,
बहुत खास थे जो जिन्दगी के लिए ।

बातें थी मुहब्बत की जो जिन्दगी बर्बाद की,
तड़प बर्दाश्त की जिन्दगी बसर के लिए  ।

हमें क्या खबर थी प्यार भी उधार हो गये ,
लिए थे दिल वो मेरा ना लौटाने के लिए  ।

 हर सांस मे याद आए बता कैसे भूल जाए ,
चलती है सांसें भी आखिरी मिलन के लिए ।

कोई हालात समझता नही जज्बात भी ,
जिन्दा हूँ तेरे हाथ से कफन के लिए ।

रुठ जाए सारी दुनिया कोई फर्क ही कहा ,
दिल तड़पता मेरा एक मुलाकात के लिए ।

मेरे साथ हुआ बुरा और किसी के साथ ना हो ,
बुरा जो करे दूर हमेशा रहो जिन्दगी के लिए ।
                             ...............😴😴😴




































































Friday, 23 August 2019

तुम न आए मगर ......

हर शाम तेरी यादों का लगता पहरा ,
खामोशियों से खेलती धड़कनों को भी 
जैसे ख्याल है तेरा ।

हर मोड़ पर दिल तुम्हें ढूँढता फिरता,
पर हर आहट पर 
हमेशा कोई और ही मिलता ।

शाम से रात आई , तुम न आए मगर 
यादों का पहरा हुआ और घनेरा  
हर रात मेरे पास होती सिसकियाँ 
सवालों का समंदर फिर भी खामोशियाँ 
आँखेंं नम भी हुई ,
तुम न आए मगर ।

तन्हाइयों ने अपनी बांहों मे घेरा 
हर बार चांदनी मे डूबा 
चाँद - तारों की बारात होती 
मेरे दिल मे इंतजार का चिराग 
और मिलन की सौगात होती 
रात ढल भी गई 
तुम न आए मगर ।

मेरी आँखों मे रह गया 
दूर तक छाया अँधेरा 
बेचैन अँधेरा स्याह मगर 
इस तड़पते दिल को सुकून देने 
तुम न आए मगर ।
                               .......😰😰😰😰

Wednesday, 7 August 2019

" जिन्दगी गुनाह ना हो "

पल पल उनका साथ निभाने आये हम ,
एक इशारे पर दुनिया छोड़ आए हम ।

समन्दर के बीच पहुँचकर फरेब किया उसने ,
वो कहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम ।

मुहब्बतों मे अगर कोई रश्मों - रिवाज ना हो ,
सुकून तबाह ना हो जिन्दगी गुनाह ना हो ।

कुछ अटकलें भी लाजिमी है दिल्लगी के लिए ,
किसी से प्यार अगर हो तो बेपनाह ना हो ।

इस एहतियात से मैं तेरे साथ चला था ,
तेरी निगाह से आगे मेरी निगाह ना हो ।

मेरा वजूद ही है सच्चाइयों का आईना ,
ये बात और कहने वालों ,
              मेरा कोई गवाह ना हो    ।
                                                ..💐💐💐            

" सोते रहे "

परखते रहे वो हमें सारी जिन्दगी ,और हम 
भी उनके हर इम्तहान मे पास होते रहे ।

मजा आ रहा था उन्हें हमारी आँसुओं की बारिश 
मे ,और हम भी बिना रूके उनके लिए रोते रहे ।।

बेदर्द थे वो इस कदर  निंद हमारी ,
उडाकर खुद चैन से सोते रहे        ।

जिन्हें पाने के लिए हमनें सब कुछ लुटा दिया ,
वो हमें हर कदम पर ऐसे ही खोते रहे  ।।

और एक दिन जब हुआ इसका एहसास उन्हें,
वो हमारे पास आकर पूरे दिन रोते रहे  ।।

और हम भी इतने खुदगर्ज निकले यारों कि,
आँखें बंद कर कफन मे सोते रहे ।।

                                       .........🎂🎂🎂🎂🎂

Sunday, 4 August 2019

" दूर हो जाते है "

बड़े होकर भाई-बहन सोचों कितने दूर हो जाते है, व्यस्त है सभी इतना कि मिलन को मजबूर हो जाते है ।

एक दिन भी जिनके बिन हम रह नही पाते थे , 
अब सब अपनी जिन्दगी मे मसरुफ हो जाते हैं ।

छोटी-छोटी बातें बताए बिन हम रह नही पाते थे ,
अब बड़े - बड़े मुश्किलों से हम अकेले ही जूझ जाते हैं ।

ऐसा भी नही कि उनकी अहमियत नही है कोई,
पर अपनी तकलीफें जाने क्यों उनसे छुपाते हैं ।

रिश्ते नयी जिन्दगी से कितने जुड़ते चले जाते है ,
और बचपन के रिश्ते कही दूर चले जाते है ।

खेल - खेल मे रुठना मनाना रोज की बात थी अब छोटी सी गलतफहमी दिल से दूर कर जाती                            है।

अब सब अपनी उलझनों मे उलझ के रह जाते है 
कैसे बताए उन्हें हम वो हमें कितना याद आते है 

वो जिन्हें हम एक पल भी भूल नही पाते है      , 
बड़े होकर वो भाई बहन अक्सर  हो जाते है    ।।
    
                           💐 नरेन्द्र दुबे 💐
               Happy Rakshabandhan...





Wednesday, 31 July 2019

💐 जिम्मेदारियाँ 💐

क्या अपने बच्चे को स्कूल के लिए तैयार कर देना ,उसे स्कूल तक छोड़ आना ,फिर छुट्टी के समय स्कूल जाकर उसे घर ले कर आना , और एक ट्यूशन लगा देना,बस यही अपने बच्चे के प्रति किसी अभिभावक की जिम्मेदारी है ?

मै तो कहूंँगा नही ये तो समझिए एक ड्यूटी है ।मेरे समझ से ड्यूटी और जिम्मेदारी दोनो मे बहुत फर्क है । जैसे एक माँ और एक धाय मे फर्क होता है। जहाँ तक मेरा मानना है ,अगर हम अपने बच्चे के लिए कुछ इन्वेस्ट कर रहे है तो क्या कर रहे है ? रुपया - पैसा , लाइफ इन्श्योरेन्स वगैरह - वगैरह । हम आखिर ये क्यो भूल जाते है कि हमें अपने बच्चे के लिए कुछ इन्वेस्ट करना ही है तो कुछ ऐसा करे कि उस बच्चे को कुछ ऐसा मिले जो सबको नही मिलता है ।देखिए ! अगर हमें अपने बच्चों के लिए कुछ इन्वेस्ट करना ही है तो वो है समय और अच्छे संस्कार ।जी हाँँ यही दो वो बहुमूल्य रत्न है जो किसी भी बच्चे को उसके माता - पिता के द्वारा 

दिया जाना चाहिए । मै  भी एक ट्यूशन टीचर हूँ ,मुझे हर रोज एक शिकायत मिलता था कि , सर मेरे बच्चे को ये नही आता , टेस्ट मे अच्छा मार्क्स नही ला रहा है वगैरह -वगैरह ।मैं ये सुनकर बड़ा टेन्शन मे रहने लगा ।मैं सोचने लगा कि आखिर कमियाँ किसमें हैं । फिर मै एक दिन मा बेटे दोनो को अपने पास बुलवाया और पहले बच्चे से पूछा - बेटा ये बताओ कि जब तुम पढने बैठते हो तो तुम्हारे साथ और कौन होता है ? लड़का बोला कोई नही । फिर मैने पूछा  - और तुम्हारी माँँ ! लड़का बोला - मम्मी बस कह देती है कि पढ़ाई करो और वो या तो मोबाइल मे लग जाती है या बाहर दरवाजे पर आन्टी लोगो से बातें करने लग जाती है ।फिर मैंने लड़के की माँ से कहा सूना आपने ! सर ये ऐसे ही बोलता है ,मेरी बात नही मानता है ,बहुत बादमाश हो गया है । और पता नही क्या - क्या उन्होने मुझसे कहा। फिर मैने उनको समझाया कि आपको अपने बच्चे के साथ 24 घंटे मे 2 घंटे का समय देना ही होगा । वो ऐसे कि वो कब क्या पढ़ रहा है , कैसे पढ़ रहा है  ।इसका आपको पूरा ध्यान रखना  होगा । उन्होंने बोला - सर मै आज ही से ऐसा करूँगी  । फिर क्या ? इस जिम्मेदारी का बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आया  । वो लड़का वार्षिक परीक्षा मे अपने कक्षा मे सर्वप्रथम आया ...।मै आज भी उस लड़के को ट्यूशन कराता हूँ ।वो अभी 9th क्लास मे है । मेरे कहने का मतलब है कि हमे अपने बच्चों का अच्छे स्कूल मे एडमिट करा देने और एक अच्छा ट्यूटर लगा कर फारमल्टी नही पूरी करनी है बल्कि उनके लिए हमें एक जिम्मेदार अभिभावक बनना होगा ...।