हमेशा तो ना सही , कभी तो याद करेंगे आप।।
दिल वो दिल ही नहीं ,
जिसमें भरा प्यार न हो ।
आंख वो आंख ही नहीं ,
जिसमें इंतजार न हो।।
निंद कैसे आएगी ,
जब आप बैठे हो सामने।
आदत ऐसी डाल दी सनम ,
इस पागल दिल को आपने।।
सनम इतना भी तुम नादान नहीं ,
जो समझते नहीं इशारों को।
फिर भी क्यों तड़पना पड़ता है ,
तेरी मुहब्बत के इस दिवाने को।।
रात की तनहाई में आवाज़ दिया करता हूं ,
तुम आओ या न आओ ख्वाब में तेरे ,
इंतजार किया करता हूं। ।
तेरी याद में खुद को ,
वहां महसूस कर लेते हैं ।
जब तुझे छुने की चाहत होती है ,
तेरी तस्वीर को सीने से लगा लेते हैं ।।
देखा है जिंदगी को कुछ इतने करीब से ,
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अब अजीब से।।
कुछ दर्द है मेरे सीने में , आए ना मज़ा अब जिने में।।
चांद से प्यारा चांदनी ,
चांदनी से प्यारी रात ।
वो जिंदगी जिंदगी नहीं ,
जिसमें नहीं आपका साथ।
सनम की जुदाई ना ,जाने क्यों सताती है ।
दिन तो कट जाता है पर रात को जगातीहैं।
मैंने लाख कोशिश की है ,उसे मनाने की ।
ना जाने सीखी कहा से ,जालिम रुठ जाने की।।
दिल तो दे दिया है ,
मगर दिल लेने की कसम खाई है।
प्यारी वो चीज चाहिए मुझे ,
जो तुमने परदे में छुपाई है ।।
जिते है तेरा नाम लेकर ,
मरते है तेरा नाम लेकर ।
मरने पर मेरा क्या अंजाम होगा
कफन उठाकर देख लेना
होंठों पर सिर्फ तेरा ही नाम होगा ।।
फूल खिलते है एक वक्त के बाद ,
लोग बदलते हैं एक वक्त के बाद ।
तेरी -मेरी दोस्ती टूटेगी एक वक्त के बाद ,
पर वो वक्त आएगा मेरी मौत के बाद।।
रोशनी सूरज करता है सितारे नही ,
ये दिवाना प्यार तुझसे करता है ,
किसी और से नहीं ।।
तारे आसमां में चमकते हैं ,
बादल दूर हैं फिर भी बरसते हैं।
हम भी कितने नादान है कि आप मेरे
दिल में रहते हो ,
और हम मिलने को तरशते है ।।
पत्थर की है दुनिया जज़्बात नहीं समझती,
दिल में है जो बात वो बात नहीं समझती ।
तनहा तो चांद भी सितारों के बीच है ,
पर चांद का दर्द बेवफा रात नहीं समझती ।
जब देखा तुम्हें पहली बार ,
उस दिन से हो गया प्यार।
एक पल भी गुजरता नहीं ,
अब तो तेरे बिन मेरे यार ।।
परेशान दिल गुलिस्तां के बहारों हम में नहीं लगता,
नुमाइशो में नहीं लगता , नजारों में नहीं लगता।
बता दे मेरी जान कहा लें जाऊं इस दिलको
अकेले में नहीं लगता , हजारों में नहीं लगता।।
आपकी यादों के सहारे हम जिया करते हैं,
हर सुबह-शाम आपको याद किया करते हैं।
खुशियां रहे आपकी चारों तरफ ,
यही खुदा से दुआ किया करते है।।
महक दोस्ती की कभी खत्म नहीं होती ,
जिंदगी भर इश्क़ की खुशबू कम नहीं होती
साथ में अगर आप सा कोई दोस्त हो तो ,
जिंदगी जन्नत से कम नहीं होती ।।
हम अगर आप से मिल नहीं पाते ,
ऐसा नहीं कि आप हमें याद नहीं आते।
माना कि जहां के सारे रिश्ते निभाए नहीं जाते,
पर जो दिल में बस जाते है ,
वो भुलाए नहीं जाते ।।
हर जित तो किश्मत की बात है ,
मगर हम भी आजमाएंगे।
लोग तुम्हें पाकर भी खोएंगे ,
हम तुम्हें खोकर भी पाएंगे ।।
एक मासूम सी मुहब्बत का, बस यही फसाना है।
कागज की हवेली है ,
बारिश का जमाना है ।
क्या शर्ते मुहब्बत है ,
क्या शर्ते जमाना है ।
आवाज भी जख्मी है ,
और वो गीत भी गाना है ।
उस पार उतरने की ,
उम्मीद बहुत कम है ।
कश्ती भी पुरानी है ,
तूफान को भी आना है ।
समझे या ना समझे ,
वो अंदाज मुहब्बत के ।
एक खास शख्स को ,
आंखों से एक शेर सुनाना है ।
भोली सी अदा कोई ,
फिर इश्क की जिद पर है।
फिर आग का दरिया है ,
और डूब के जाना है।।
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