जरा नेक राहों पे चलके तो देखो ,
मुहब्बत के सांचे में ढलकर तो देखो ।
बदल जाएगा खुद बखुद जमाना ,
तुम खुद को पहले बदलकर तो देखो।
मिले बन के भाई जो उसको गले लगा लेंगे ,
पर वो हम नहीं जो दुश्मनों को सर चढा लेंगे। अमन के हम पुजारी है मगर देश केखातिर , ज़मीन पे दुश्मनों के खून की दरिया बहा देंगे ।
तू गई मेरी जिंदगी चलीं गईं ,
बैठा हूं अंधकार में रोशनी चली गई।
तड़पता हूं तड़पते दिल को लेकर ,अब आइना भी कहता है ,
कि तेरे होंठों की हंसी चली गई ।
बस में होता तो तुझे मशहूर कर देता ,
तेरी उन मद भरी आंखों को नशें में
चूर कर देता ।
अगर न होता ज़माने का डर तो ,
तेरी मांग में सिंदूर भर देता ।
नेकी वदी ज़माने को समझा बुझा के पी ,
गर पीना चाहती हो तो थोड़ा और
मिला के पी ।
अगर ये दिल नहीं मानता इतना शुरुर है तो
शाकी के पास बैठ नजरें मिला के पी ।
किसी के लाश पे फूलों की झड़ी होती है ,
किसी की लाश बेनकाब पड़ीं होती है ।
ऐ चलने वाले मुसाफिर जरा देख के चल,
न जाने किस मोड़ पर मौत खड़ी होती है ।
उम्र की राह में इंसान बदल जाता है , बात की आंधी में जहां बदल जाता है ।
गलती मेरी नहीं खुदा की कसम यारों , हुस्न को देख सबका इमान बदल जाता है।
ये फेस मेरे डियर की फाइन है दोस्तों ,
इसकी निगाहें मस्त और वाइन है दोस्तों ।
इसकी गाल पर जो साइन देख रहे हैं ,
वो मेरे कलम की साइन है दोस्तों ।
मांगा था मैं खुदा ,
तुझे अपनी जिंदगी के लिए ।
तूने मेरा दिल तोड़ा ,
औरों की खुशी के लिए ।
ज़ख्मों पे जख्म लगाता है जमाना ,
हर तरह से गरीबों को सताता है जमाना।
अरे, क्या हमने जमाने में बिगाड़ा है किसी का,
क्यों हमें निगाहों से गिराता है जमाना ।
मुहब्बत दर्द होती हैं ,
मुहब्बत गम नहीं होती ।
किसी के दूर रहने से ,
मुहब्बत कम नहीं होती ।
मुहब्बत नाम है किसका ,
शुरू कहा से होता है ।
इसे पैदा किया किसने ,
खत्म कहा पे होता हैं ।
मुहब्बत नाम है दिल का ,
शुरू आंखों से होता है ।
इसे पैदा किया गम ने ,
खत्म सांसों से होता है ।
तुझे देखेंगे सितारे तो जिया मांगेंगे ,
प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगे ।
अपने कंधे से दुपट्टा न सरकने देना ,
वरना बुढ़े भी जवानी की दुआ मांगेंगे।
ज़मीं तांवे की होगी आसमां फौलाद का होगा,
मुहब्बत तख्त पे होंगे ,
अदालत में खुदा होगा ।
सितारे टूट जाएंगे ,
धरा पर जल जला होगा ।
उस दिन न बाप बेटे का ,
न बेटा बाप का होगा ।
कोई तीर आता तो खाली नहीं जाता मायुस खुदा के दर से कोई सवाली नहीं जाता ।
अरे कांटे ही किया करते हैं फूलों की
हिफाजत ,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं आता ।
चौदहवीं की रात थी
सब कर रहा चर्चा तेरा ।
किसी ने कहा चांद है
किसी ने कहा चेहरा तेरा ।
मैं भी वहां मौजूद था
मुझसे भी पूछा ये क्या हैं।
मैंने हंस दिया और चुप रहा
क्योंकि मंजूर था परदा तेरा।।
हर संगीत में साज होता है
हर आंखों में राज होता है ।
मेरी औकात ही क्या है मेरे दोस्त
चमकते चांद में भी दाग़ होता है ।
नदी किनारे कौआ बैठा
मैं सोचा की तोता है ।
जब याद तुम्हारी आती है
तो दिल छुप छुप के रोता है ।
वो कल की मुलाकात भूल जाते हैं ,
गुजरी हुई हर बात भूल जाते हैं ।
चंद लम्हों का सहारा पाकर ,
लोग अपनी औकात भूल जाते हैं ।।
अब तो घबरा के कहते हैं कि मर जाएंगे ,
मर के भी चैन न मिला तो किधर जाएंगे।
हम वो नहीं जो करे उनका दावा खुद से,
बल्कि पूछेगा खुदा भी तो मुकर जाएंगे।।
मर गये हम तरसते- तरसते ,
हमको ऐसी जुदाई मिली हैं।
आशिकों का जहां जल रहा है ,
और उनको खुदाई मिली है।।
बाग में फूल बनकर महकना प्रिये ,
मैं धरा पर सागर सा बरस जाऊंगा ।
प्यार से तुमको चुमेगी दुनिया सारी ,
मैं तेरी एक नजर को तरस जाऊंगा ।।
तेरी चाहत में सब कुछ भूला बैठा ,
इसी बीच तुझे अपना बना बैठा ।
मुझे माफ़ करना ऐ मेरे दोस्त ,
तेरी दोस्ती को मैं प्यार समझ बैठा ।।
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हो के रुशवा मुहब्बत की सौगात जा रही है,
मैयत किसी गरीब की आधी रात जा रही है।
उनके घर के सामने से निकला मेरा जनाजा ,
और उन्हें लगा कि किसी की बारात जा रही है।
मैंने अपना दिल जलाकर उनको रोशनी दे दी ,
खुद उठाया गम मैंने और उन्हें खुशी दे दी ।
मगर वो ना समझ पाये मेरी अहमियत को ,
जिनके लिए हमने तो अपनी जिंदगी दे दी।।
मुहब्बत में कभी हां करती हो,
कभी ना करती हो ।
करना है तो कऱो मुहब्बत ,
वरना क्यों मुहब्बत को बदनाम करती हो।।
जिने वाले कजा से डरते हैं ,
पीने वाले दवा से डरते हैं ।
चाहे वो तुम हो या नसीब अपना ,
हम तो हर एक बेवफा से डरते हैं ।
बदनसीब जब खुशनसीब हो तो ,
आंसू पीकर झूम लेते हैं ।
सहन नहीं होती तेरी जुदाई तो
तेरा नाम लेकर जी लेते है।
" दोस्ती "
दोस्ती त्याग मांगती है और इम्तहान लेती है । दोस्ती और रिश्ते बनाए रखने में त्याग, निष्ठा और
समझदारी की जरूरत होती है ।स्वार्थ की भावना
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" चरित्र "
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मैयत किसी गरीब की आधी रात जा रही है।
उनके घर के सामने से निकला मेरा जनाजा ,
और उन्हें लगा कि किसी की बारात जा रही है।
मैंने अपना दिल जलाकर उनको रोशनी दे दी ,
खुद उठाया गम मैंने और उन्हें खुशी दे दी ।
मगर वो ना समझ पाये मेरी अहमियत को ,
जिनके लिए हमने तो अपनी जिंदगी दे दी।।
मुहब्बत में कभी हां करती हो,
कभी ना करती हो ।
करना है तो कऱो मुहब्बत ,
वरना क्यों मुहब्बत को बदनाम करती हो।।
जिने वाले कजा से डरते हैं ,
पीने वाले दवा से डरते हैं ।
चाहे वो तुम हो या नसीब अपना ,
हम तो हर एक बेवफा से डरते हैं ।
बदनसीब जब खुशनसीब हो तो ,
आंसू पीकर झूम लेते हैं ।
सहन नहीं होती तेरी जुदाई तो
तेरा नाम लेकर जी लेते है।
" दोस्ती "
दोस्ती त्याग मांगती है और इम्तहान लेती है । दोस्ती और रिश्ते बनाए रखने में त्याग, निष्ठा और
समझदारी की जरूरत होती है ।स्वार्थ की भावना
दोस्ती को तोड़ देती है । हल्के - फुल्के रिश्ते तो
आसानी से बन जाते है लेकिन सच्ची दोस्ती बनाने और बनाए रखने में समय और प्रयास की जरूरत नहीं होती ।सच्ची दोस्ती जितना लेती है उससे कहीं ज्यादा देती है और दुःख में भी मजबूत खम्भे की तरह टिकी रहती है । आपसी विश्वास और भरोसा हर दोस्ती की बुनियाद है।।
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" चरित्र "
चरित्र व्यक्ति के नैतिक मूल्यों, विश्वासो और शख्सियत से मिलकर बनता है। यह हमारे व्यवहार और कार्यो में झलकता है । इसे दुनिया की बेशुमार दौलत से भी ज्यादा सम्भालकर रखने की जरूरत होती है।
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