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Tuesday, 7 January 2020

"Shayaro ki Mahfil"

यादों में हमारी आप भी खोए होंगे ,
     खुली आंखों से कभी आप सोए होंगे ।
माना हंसना है अदा गम भुलाने की          पर हंसते -हंसते कभी आप भी रोए होंगे ।

मेरा इन्कार तेरे इकरार से बेहतर होगा ,
     मेरा दिन भी तेरी रात से बेहतर होगा ।
यकीन नहीं तो डोली से झांककर देख लेना
मेरा जनाजा भी तेरी बारात से बेहतर होगा

 प्यार करके भुलाना ना आया हमें ,
   किसी के दिल को मनाना ना आया हमें ।
किसी से तड़पना तो सीख लिया हमने ,
    पर किसी को तड़पाना ना आया हमें  ।।

क्या कहूं तुझे ख्वाब कहूं तो टूट जाएगा,
                दिल कहूं तो बिखर जाएगा ।
आ तेरा नाम जिंदगी रख दूं ,
      मौत से पहले तो तेरा साथ ना छूटेगा ।

आरज़ू अब ज्यादा जिने की नहीं है ,
     मगर मरने का भी कोई  इरादा नहीं है ।
क्या तुमको  याद दिलाऊं तुम्हारी कसमें 
जब याद तुमको अपना कोई वादा नहीं है ।

बहुत खुशनुमा कल की रात गुजरी है ,
    कुछ तनहा पर कुछ खास गुजरी है ।
ना निंद आई ना ख्वाब कोई ,
बस आप ही के खयालों के साथ गुजरी है ।

तोड़कर दिल मेरा तुम पछतावोगी बहुत ,
     याद में हमारी अश्क बहावोगी जरुर ।हम वो हैं जो मुड़कर नहीं देखा  करते लौटकर ना आएंगे वैसे तुम बुलावोगी बहुत

मुस्कुराकर मिला करो हमसे ,
           कुछ कहा कुछ सुना करो हमसे ।
बात करने से ही बात बढ़ती है जनाब ,
      इसलिए रोज़ बात किया करो हमसे ।।
 
गम की आंधियां ऐसी चली हम -तुम                       बिछड़ गए,
आंसू भी पूछने लगे हमसे ,
                 तुम्हारे साथी किधर गए ।।


क़िस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों                          होती   है ,
जो नहीं मिलता है ,
             उसी से मुहब्बत क्यों होती  हैं ।
कितने खड़े हैं राहों में दिल के फिर भी ,
     दिल को उसी की चाहत क्यों होती है ।

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