खुली आंखों से कभी आप सोए होंगे ।
माना हंसना है अदा गम भुलाने की पर हंसते -हंसते कभी आप भी रोए होंगे ।
मेरा इन्कार तेरे इकरार से बेहतर होगा ,
मेरा दिन भी तेरी रात से बेहतर होगा ।
यकीन नहीं तो डोली से झांककर देख लेना
मेरा जनाजा भी तेरी बारात से बेहतर होगा
प्यार करके भुलाना ना आया हमें ,
किसी के दिल को मनाना ना आया हमें ।
किसी से तड़पना तो सीख लिया हमने ,
पर किसी को तड़पाना ना आया हमें ।।
क्या कहूं तुझे ख्वाब कहूं तो टूट जाएगा,
दिल कहूं तो बिखर जाएगा ।
आ तेरा नाम जिंदगी रख दूं ,
मौत से पहले तो तेरा साथ ना छूटेगा ।
आरज़ू अब ज्यादा जिने की नहीं है ,
मगर मरने का भी कोई इरादा नहीं है ।
क्या तुमको याद दिलाऊं तुम्हारी कसमें
जब याद तुमको अपना कोई वादा नहीं है ।
बहुत खुशनुमा कल की रात गुजरी है ,
कुछ तनहा पर कुछ खास गुजरी है ।
ना निंद आई ना ख्वाब कोई ,
बस आप ही के खयालों के साथ गुजरी है ।
तोड़कर दिल मेरा तुम पछतावोगी बहुत ,
याद में हमारी अश्क बहावोगी जरुर ।हम वो हैं जो मुड़कर नहीं देखा करते लौटकर ना आएंगे वैसे तुम बुलावोगी बहुत
मुस्कुराकर मिला करो हमसे ,
कुछ कहा कुछ सुना करो हमसे ।
बात करने से ही बात बढ़ती है जनाब ,
इसलिए रोज़ बात किया करो हमसे ।।
गम की आंधियां ऐसी चली हम -तुम बिछड़ गए,
आंसू भी पूछने लगे हमसे ,
तुम्हारे साथी किधर गए ।।
क़िस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों होती है ,
जो नहीं मिलता है ,
उसी से मुहब्बत क्यों होती हैं ।
कितने खड़े हैं राहों में दिल के फिर भी ,
दिल को उसी की चाहत क्यों होती है ।
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