दोस्ती तो सिर्फ़ एक इत्तफाक है ,
ये तो दिलों की मुलाकात है ।
दोस्ती नहीं देखती ये ,
दिन है कि रात है।
इसमें तो सिर्फ़ वफादारी
और जज़्बात है ।
"बिते वक्त की सब बातें भूल जाऊंगा,
जिस दिन सपनों को साकार होता पाऊंगा,
खुशियों का वो हर पल होगा सिर्फ मेरे लिए जिस दिन मुस्कान में एक नया खनक पाऊंगा।
कहते -कहते ही रूक जाती है ये जुबान
उस दिन मैं कुछ कहना चाहूंगा।
अरमान जो सिमटते है मेरे नाम में वो रहा
उस दिन मैं सबको बताऊंगा ।
खुशियों का पंख लगाकर उड़ जाऊंगा ।
उड़कर मैं परियों की दुनिया में जाऊंगा।
हर पल रूलाती चिढ़ाती जिंदगी ,
परियों की दुनिया से वापस ना आऊंगा।"
बिना ख्वाबों के भी कोई सो पाया है ,
बिना यादों के भी कोई रो पाया है ।
आपकी दोस्ती धड़कन है इस दिल की
दिल भी कभी धड़कन के बिना रह पायाहै।
साथ हम चाहे तो ऐतराज मत करना ,
कभी हम कुछ मांगे तो इंकार मत करना ।
आप ही रह गये है एक मेरे अज़ीज़ ,
वरना दिल ने तो कह दिया है कि
किसी पे ऐतबार मत करना ।।
ये जिंदगी मोह माया है
जीवन में सुख किसने पाया है ।
एक हम हैं जो भुलाते नहीं आपको ,
और एक आप हैं जो कहते हैं ,
आज फिर कमबख्त का मैसेज आया है।
फूल कभी दो बार नहीं खिलता ,
जीवन कभी दो बार नहीं मिलता ।
दोस्त तो मिल जाते हैं हजारों ,
पर आप जैसा दोस्त दुबारा नहीं मिलता।
उदास नज़रों में ख्वाब मिलेंगे,
कहीं कांटे तो कहीं गुलाब मिलेंगे ।
दिल की किताब को पढ़कर तो देखो ,
ऐ दोस्त , कहीं आपकी याद तो
कहीं आप खुद मिलेंगे ।।
उम्मीदें कस्ती को कोई डूबा नही सकता ,
चाहत के दीए को कोई बुझा नहीं सकता ।
हमारी दोस्ती है ताजमहल की तरह ,जिसे
चाहकर भी कोई दुबारा बना नहीं सकता ।
छुप-छुप तनहा रो लेंगे ,
अब दिल का दर्द किसी से ना बोलेंगे।
निंद तो आती नहीं रातों को अब ,
जब रूकेगी दिल की धड़कन ,
तो जी भर के सो लेंगे।
इश्क और दोस्ती मेरी जिंदगी का जहां है ,
इश्क मेरी रुह तो दोस्ती मेरा ईमान है ।
इश्क पर तो कर दी फिदा अपनी जिंदगी,
पर दोस्ती पर तो मेरा इश्क भी कुर्बान है।
कभी ना चुका सको वो लोन है हम ,
जो हमेशा बजती रहे वो टोन है हम।
आपकी जिंदगी से वापस ना जाएंगे हम
अब तो पहचान गए कि कौन हम हम ।।
आज हर एक पल खूबसूरत है ,
दिल में बस आप ही की सूरत है ।
कुछ भी कहे ये दुनिया गम नहीं ,
दुनिया से ज्यादा हमें आपकी जरूरत है ।।
खूशबू में ये एहसास होता है ,
दोस्ती का रिश्ता ख़ास होता है ।
हर बात को जुबान से कहना मुमकिन नहीं इसीलिए दोस्ती का नाम विश्वास होता है।।
ऐ कलम जरा रुक-रुक के चल,
क्या गजब का मुकाम आया है ।
थोड़ी देर ठहर जा उसे दर्द ना हो , तेरे नोंक के नीचे मेरे दोस्त का नाम आया है ।।
दिल टूटना सजा है मुहब्बत का
दिल जोड़ना अदा है दोस्ती का ।
जो मांगे कुर्बानियां वो है मुहब्बत ,
जो बिन मांगे हो जाए कुर्बान
वो पहचान है दोस्ती का ।।
अंजान साथी को दिल का इंतजार है ,
प्यासी है ये आंखें दिल बेकरार है ।
आपका साथ मिल जाए तो
हर राह आसान हो जाए।
शायद इसी एहसास का नाम प्यार है।।
मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता
कुछ रिश्तों का कोई मोल नहीं होता ।
लोग तो मिल जाते हैं हर मोड़ पर , लेकिन हर कोई आपकी तरह अनमोल नहीं होता।।
तड़प-तड़प के देख किसी के चाहत में ,
तो पता चले कि प्यार क्या होता है ।
यूं ही मिल जाए कोई बिना तड़पे तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है ।।
हमसे सिर्फ इतना ही दूर होना किआपकों मेरी अहमियत का एहसास हो जाए।
लेकिन कभी इतना भी दूर मत होना कि
हम आपके बिन जिना ही भूल जाए।।
क़यामत तक तुझे याद करेंगे
तेरी हर बात पर एतबार करेंगे ।
तुझे काल करने को तो नहीं कहेंगे
पर फिर भी तेरे काल का इंतजार करेंगे ।।
इश्क करने वाले को दिवाना कह दिया ,
शमा पे जलने वाले को परवाना कह दिया ।
मुहब्बत को दफनाया पत्थरों के नीचे ,
और लोगों ने उसे ताजमहल कह दिया ।।
ऐसा नहीं कि आप याद आते नहीं ,
कहना सिर्फ इतना है कि हम जताते नहीं ।
आपका प्यार अनमोल है हमारे लिए ,
आप जानते हो इसलिए हम बताते नहीं ।।
सुबह का हर एक पल जिन्दगी दे आपको,
दिन का हर एक लमहा खुशी दे आपको ।
जहां से गम की हवा छूकर भी न गुजरे ,
खुदा वो जन्नत सी जमीन दे आपको ।।
मुस्कुराते आप रहो तो खुश हम हो जाएंगे ,
मंजिल आप पाओ तो जित हम जाएंगे ।
जिना चाहो किसी और के लिए तो आपके लिए खुशी -खुशी मर हम जाएंगे।।
एहसास के दामन में आंसू गिराकर देखो,
दोस्ती कितनी सच्ची है आजमाकर देखो
हमसे दूर होकर हालात कैसी होगी ,
कभी तुम शीशे पर पत्थर गिराकर देखो ।
आज वक्त ने फिर पूछा मुझसे -
तेरा हंसता चेहरा उदास क्यों है
तेरी आंखों में प्यास क्यों है
जिसके पास तेरे लिए वक्त नहीं
वहीं तेरे लिए खास क्यों है ।।
इश्क में कोई दिल तोड़ जाता है ,
दोस्ती में कोई साथ छोड़ जाता है ।
जिंदगी जिना तो कोई गुलाब से सिखे
जो खुद टूटकर भी दिलों को जोड़ जाता है ।।।
परखते रहें वो हमें सारी जिंदगी ,
और हम भी उनके हर इंम्तहान में
पास होते गए ।
मजा आ रहा था उन्हें हमारी आंसूओं की बारिश में , और हम भी उनके लिए
बिना रुके रोते रहे ।
बेदर्द थे वो कुछ इस कदर ,
निंद हमारी उड़ाकर
खुद चैन से सोते रहे ।
जिन्हें पाने के लिए हमने
सब कुछ लूटा दिया
वो हमें हर कदम पर खोते रहे ।
और एक दिन जब हुआ
इसका एहसास उन्हें
वो हमारे पास आकर
पूरे दिन रोते रहे ।
और हम भी इतने ख़ुदगर्ज निकले यारों
कि आंखें बंद कर कफ़न में सोते रहे ।।
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