# रात भर जागती आंखों को बधाई देगा,
चांद निकलेगा तो खिड़की से दिखाई देगा ,
ये मुहब्बत है ज़रा सोच समझकर रोना ,
एक आंसू भी टूटा तो दिखाई देगा ।
#जाने कब मौत का पैगाम आ जाय,
मेरी जिंदगी की आखिरी शाम आ जाय ।
ऐ मेरे दोस्त दुआ है मेरी रब से कि,
मेरी जिंदगी तेरे जिंदगी के काम आ जाय।
#शाम भी उदास है सुबह भी उदास होगी ,
कल शबनम से भरी मेरी लाश होंगी ।
पहुंचा देना ऐ दफन करने वाले ,
जिसकी तस्वीर मेरे सीने के पास होगी ।
#तू कहीं भी रहे सर पे तेेेेेेरे इल्जाम तो है,
तेरे हाथों के लकीरों पे मेरा नाम तो है ।
मुझको तू अपना बना या न बना तेरी खुशी,
तू मेरे नाम से इस दुनिया में बदनाम तो है ।
#मै एक शाम चुराया तो बुरा मान गए,
आइना सामने आया तो बुरा मान गए ।
उनकी हर रात जलती है दिपावली की तरह ,
मैंने एक दीप जलाया तो बुरा मान गए ।
#सलाम याद रखना पैगाम याद रखना ,
सिर्फ इतनी आरज़ू है मेरा नाम याद रखना ।
#ये हुस्न तमन्ना ये नजाात कहा से आ गई,
तुझमें रुठ जाने की आदत कहा से आ गई ।
तुमने तो कल कहा था कि बिस्तर से उठा नहीं जाता ,
उठा ले गई दुनिया मेरी तुझमें इतनी ताकत कहां से आ गई?
#अगर मैं मर गया तो मेरे कब्र पर मत आना ,
अगर आना तो दो फूल न लाना ।
अगर फूल लाना तो उसे मत चढ़ाना ,
क्योंकि मैं पहले से ही दबा हूं मुझे और मत दबा -ना।
किताबें जुल्म को भी साहिबे दिवान कहता है ,
वो अपनी बदख्याली को अब इंसान कहता है।
तमन्ना है कि उसका नाम मैं हिन्दुस्तान रख दूं ,
मगर जालिम अपने को सदा पाकिस्तान कहता है।
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तेरे हाथों के लकीरों पे मेरा नाम तो है ।
मुझको तू अपना बना या न बना तेरी खुशी,
तू मेरे नाम से इस दुनिया में बदनाम तो है ।
#मै एक शाम चुराया तो बुरा मान गए,
आइना सामने आया तो बुरा मान गए ।
उनकी हर रात जलती है दिपावली की तरह ,
मैंने एक दीप जलाया तो बुरा मान गए ।
#सलाम याद रखना पैगाम याद रखना ,
सिर्फ इतनी आरज़ू है मेरा नाम याद रखना ।
#ये हुस्न तमन्ना ये नजाात कहा से आ गई,
तुझमें रुठ जाने की आदत कहा से आ गई ।
तुमने तो कल कहा था कि बिस्तर से उठा नहीं जाता ,
उठा ले गई दुनिया मेरी तुझमें इतनी ताकत कहां से आ गई?
#अगर मैं मर गया तो मेरे कब्र पर मत आना ,
अगर आना तो दो फूल न लाना ।
अगर फूल लाना तो उसे मत चढ़ाना ,
क्योंकि मैं पहले से ही दबा हूं मुझे और मत दबा -ना।
किताबें जुल्म को भी साहिबे दिवान कहता है ,
वो अपनी बदख्याली को अब इंसान कहता है।
तमन्ना है कि उसका नाम मैं हिन्दुस्तान रख दूं ,
मगर जालिम अपने को सदा पाकिस्तान कहता है।
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