परखते रहे वो हमें सारी जिन्दगी ,और हम
भी उनके हर इम्तहान मे पास होते रहे ।
मजा आ रहा था उन्हें हमारी आँसुओं की बारिश
मे ,और हम भी बिना रूके उनके लिए रोते रहे ।।
बेदर्द थे वो इस कदर निंद हमारी ,
उडाकर खुद चैन से सोते रहे ।
जिन्हें पाने के लिए हमनें सब कुछ लुटा दिया ,
वो हमें हर कदम पर ऐसे ही खोते रहे ।।
और एक दिन जब हुआ इसका एहसास उन्हें,
वो हमारे पास आकर पूरे दिन रोते रहे ।।
और हम भी इतने खुदगर्ज निकले यारों कि,
आँखें बंद कर कफन मे सोते रहे ।।
.........🎂🎂🎂🎂🎂
No comments:
Post a Comment