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Thursday, 12 September 2019

" एहसास "

जिन्दगी के हर मोड़ पे मैं
 कुछ पल रुक सकता हूँ ।
देखता हूँ मुड़कर 
शायद,
तुम आ जाओ  
जानता हूँ......। 
तुम नही आओगी पर  
मन के किसी 
अज्ञात कोटर मे छुपे 
तुम्हारे आने के एहसास 
को मिटा नही पाता ....।
इसी एहसास के दम पर ,
मैंने..
तय की है इतनी दुरियाँँ , संभव है 
तय कर जाऊँ सारी उम्र ...।
इसी बहाने ,
जब ईश्वर के सामने बैठता हूँ ...
जी चाहता है 
मन्नतें मांगू ,
मन की बात कहूँ 
और कुछ  सवाल कर लूँ ..।
और सवालों के बहाने 
जब तुम याद आ ही गये हो ,
तो चुपके से तुम्हारा ख्याल कर लूँ ....।

                             ...💐💐💐💐

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