जिन्दगी के हर मोड़ पे मैं
कुछ पल रुक सकता हूँ ।
देखता हूँ मुड़कर
शायद,
तुम आ जाओ
जानता हूँ......।
तुम नही आओगी पर
मन के किसी
अज्ञात कोटर मे छुपे
तुम्हारे आने के एहसास
को मिटा नही पाता ....।
इसी एहसास के दम पर ,
मैंने..
तय की है इतनी दुरियाँँ , संभव है
तय कर जाऊँ सारी उम्र ...।
इसी बहाने ,
जब ईश्वर के सामने बैठता हूँ ...
जी चाहता है
मन्नतें मांगू ,
मन की बात कहूँ
और कुछ सवाल कर लूँ ..।
और सवालों के बहाने
जब तुम याद आ ही गये हो ,
तो चुपके से तुम्हारा ख्याल कर लूँ ....।
...💐💐💐💐
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