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Thursday, 19 September 2019

" जी बहुत चाहता है "

जब मै सोता रहूँ , मेरे होठों पर
अपने होठ रख दो ,
मै गरम स्पंदन से सचेत होकर आँखें खोलूँ,
तो तुम्हारा चेहरा मेरे चेहरे पर झुका हो ।

जी बहुत चाहता है
हमारे काँच जैसे सपने
काश कभी ना टूटे
ऐसा हो तो भी मुझे सपने टूटने की आवाज
सुनने ना देना ।

अगर ऐसा हो भी गया तो मै ,
काँच जैसे बिखर जाऊँगा ।

जी बहुत चाहता है
मै हमेशा तुम्हारी प्रेरणा बना रहूँ
अगर ऐसा ना हो तो
तुम्हारी जिन्दगी मे दूसरी प्रेरणा का
एहसास
कम - से - कम मुझे ना हो ,
तुम्हें करीब से देखने को
जी बहुत चाहता है ।
"💐💐💐💐💐💐💐💐"





Sunday, 15 September 2019

" सब खामोश हैं "

आदमी से आदमी डरने लगा है आजकल ,दिन दहाड़े भीड़ मे कोई भी हो जाता है सबल ।

है पुलिस थाना कचहरी पर सभी खामोश है ,
कर दिया घीसू को लहठन चौधरी ने बेदखल ।

देगची तक लूटकर जुम्मन की डाकू ले गए , 
कह दिया थाने ने उससे हट हरामी चल निकल ।

है अगर जिना तुझे इस दौर मे तो जान ले ,
क्योंं लडाई कर रहा खामोश हो जा कम अकल।

खो गई पहचान अब सारी शराफत की यहाँ  ,
आज नेता माफिया लगते है जुड़वा हम शकल ।

वह पुराणों मे नही है और ना विश्वास मेंं
देखना है स्वर्ग अगर ,देखें मंत्री आवास मे ।

स्वर्ग की सीढ़ी बनी है राजनीति आजकल की ,
क्यों उलझते आप सर्विस की बुरी बकवास मे ।

मंत्री राजा यहाँ के एम.पी. ही है देवता ,
स्वर्ग मे जो भी बताते वह सभी है पास मे ।

आपको पानी नहीं मिलता परेशान हो रहे ,
पी रहे दारू लगाकर कुर्सियां वो घास मे ।

स्वर्ग मे रहते है जीवित , स्वर्गवासी मर बने ,
है धरावासी मगर वो घुमते आकाश मे । 

🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂

देखिए चुपचाप जो भी हो रहा है आजकल ,
क्यों बना बैठा है निर्बल मित्र बन तू भी सबल ।

जीत जाए तो मजे कुर्सी के लेना पाँच साल ,
हार जाए यदि कभी तो चूक मत फिर दल बदल। 
एक बोरा नोट दस गुंडे लगा ले साथ मे ,
फिर समस्या कौन सी है ,जो नही हो पाए हल ।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐

" सही सलामत है "

इन्द्रधनुष जैसी सतरंगी दुनिया सही सलामत है ,
आँखें उजड़ गई तो क्या है ,सपना सही सलामत है।

जिसका इक - इक तिनका यारों बर्षों पहले बिखर गया ,
मेरी नजर मे उस घर का नक्शा सही सलामत  है ।

हालातों ने कील ठोक दी बेशक अपने सीने मेंं,
मगर गांव मे जाकर सबसे कहना सही सलामत है ।

जिसके शब्दों को हमने आँसू जल से लिखा था ,
उस किताब का अब तक पन्ना-पन्ना सही सलामत है ।

आने वाला वक्त गढ़ेंगे हम खुद अपने हाथों से , 
तन का सबल टूट गया पर मन का सही सलामत है ।

जिस भय की खातिर युग-युग से , हम मर-मर के जिते है ,
जिस सुबह के अमृत की धुन मे , हम जहर के प्याले पीते है ,
इन भूखी प्यासी रूहों पर इक दिन तो करम फरमाएगी ,
वो सुबह कभी तो आएगी ।
,💐💐💐💐💐💐💐💐
ये महलों ये तख्तों ,ये ताजों की दुनिया ,
ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनिया ,
ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया ,
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है ?
🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂



Thursday, 12 September 2019

" एहसास "

जिन्दगी के हर मोड़ पे मैं
 कुछ पल रुक सकता हूँ ।
देखता हूँ मुड़कर 
शायद,
तुम आ जाओ  
जानता हूँ......। 
तुम नही आओगी पर  
मन के किसी 
अज्ञात कोटर मे छुपे 
तुम्हारे आने के एहसास 
को मिटा नही पाता ....।
इसी एहसास के दम पर ,
मैंने..
तय की है इतनी दुरियाँँ , संभव है 
तय कर जाऊँ सारी उम्र ...।
इसी बहाने ,
जब ईश्वर के सामने बैठता हूँ ...
जी चाहता है 
मन्नतें मांगू ,
मन की बात कहूँ 
और कुछ  सवाल कर लूँ ..।
और सवालों के बहाने 
जब तुम याद आ ही गये हो ,
तो चुपके से तुम्हारा ख्याल कर लूँ ....।

                             ...💐💐💐💐

Sunday, 1 September 2019

Mere Jeevan ki kahani: तुम न आए मगर ......

Mere Jeevan ki kahani: तुम न आए मगर ......: हर शाम तेरी यादों का लगता पहरा , खामोशियों से खेलती धड़कनों को भी  जैसे ख्याल है तेरा । हर मोड़ पर दिल तुम्हें ढूँढता फिरता, पर हर...

" बदल भी जाओ "

कितना वफा करोगे बेवफा के लिए ,
बदल भी जाओ अब अपनो के लिए।

बहुत याद आए जो अकेला छोड़ गए ,
बहुत खास थे जो जिन्दगी के लिए ।

बातें थी मुहब्बत की जो जिन्दगी बर्बाद की,
तड़प बर्दाश्त की जिन्दगी बसर के लिए  ।

हमें क्या खबर थी प्यार भी उधार हो गये ,
लिए थे दिल वो मेरा ना लौटाने के लिए  ।

 हर सांस मे याद आए बता कैसे भूल जाए ,
चलती है सांसें भी आखिरी मिलन के लिए ।

कोई हालात समझता नही जज्बात भी ,
जिन्दा हूँ तेरे हाथ से कफन के लिए ।

रुठ जाए सारी दुनिया कोई फर्क ही कहा ,
दिल तड़पता मेरा एक मुलाकात के लिए ।

मेरे साथ हुआ बुरा और किसी के साथ ना हो ,
बुरा जो करे दूर हमेशा रहो जिन्दगी के लिए ।
                             ...............😴😴😴