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Thursday, 26 December 2019

" मस्त - मस्त शायरी "

जिंदगी जी तो कौन सी जी मैंने ,
             किस्मत में लिखा था तो पी मैंने ।
अगर मैं ना पीता तो होता बर्बाद ,
         थोड़ी सी पीकर क्या खता की मैंने।।

अंजान बनकर वो मुझे बेजान कर गया ,
          साथी का कत्ल सरेआम कर गया ।
महसूस तो होती थी उनकी हकीकत ,मैं मुफ्त में अपनी जिंदगी कुर्बान कर गया ।।

तेरी यादों में ये दिल बेकरार होगा ,
     हमें मालूम न था इस क़दर प्यार होगा ।
जाने कब खत्म होगी ये तन्हाइयां,
    हर पल अब तो तेरा ही इंतजार होगा ।।
 
आंख अगर खुलकर बरस जाए तो क्या                          होगा ,
दिल का हर घाव उभर जाए तो क्या होगा ।
ऐ मुर्दों को कफन देने वाले  अगर  ,      मुर्दो में भी जान आ जाए तो क्या  होगा ।।

एहसान मेरे दिल पर तुम्हारा है दोस्तों ,
ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों ।
बनता है मेरा काम तुम्हारे ही नाम से ,
बचपन तुम्हारे साथ गुजारा है दोस्तों ।।

ना समझे राज दिल का वो ज़ालिम 
                प्यार का जाने ,
तड़पते दिल की हालत हुस्न की दीवार 
                   क्या जाने ।
तुम्हे तो कत्ल करना और तड़पाना ही 
                    आता है ।
गला किसका कटा क्यों कटा ये तलवार
                    क्या जाने ।।

ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया ,
ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनिया ।
ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया ,
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है।

तेरी गलियों में हम जिस दिन से आ बैठें हैं ,
गमें दुनिया से हम दिल लगा बैठे हैं   ।
जिस क़दर डस रहा है मुहब्बत का रोग ,
हम यह किससे कहां दिल लगा बैठे    ।।

तुम तो सोती होगी चैन की नींद ,
        हम तुम्हारी यादों में ही सो लेते हैं ।
पलकों को आपकी राह में बिछाकर ,
        अपने लवों को हम सी लेते हैं ।।

शब्दहीन नंगे अर्थ लेकर जिंदगी जिता हूं ,
प्यार के नाम पर कड़वे घूंट पीता हूं ।
लोग प्यार करते हैं एक झिझक के साथ ,
मैं उसी झिझक के बीच जीता -मरता हूं ।।

बेसहारा बेनकाब ना कोई कर दे ,
    यही तकरार लेकर मन में सांस लेता हूं ।
प्यार के नाम पर जलती है दुनिया तो जले ,
मैं तो इसी तमन्ना के सहारे जिता हूं ।।

लोग नफ़रत से देखें तो कोई बात नहीं ,
     तेरी नज़र में बस प्यार हो तो बात बने ।
दुनिया की परवाह क्या वो  कहती ही रहें ,
तू मुझे प्यार से बांहों में भरे तो बात बने ।।

 जीने का राज़ मैंने मुहब्बत से पा लिया ,
जिसका भी गम मिला उसे अपना बना                             लिया ।
जब सुनाने को कोई ना मिला दास्तानें गम ,
तो आइना रखकर सामने ख़ुद को रूला                              लिया।।

बर्बाद हो गये हम , उन्हें अपना समझ के ।
कुछ पा न सके सिवाय , गम के हम दिल                           लगा के ।।
 
मुहब्बत के जाम हमने पीये थे चूम -चूम के अब पीने पड़ रहे हैं जाम  खून -खून के  ।।

अक्सर जब हम आपको देखते हैं ,
        अपने रब से यहीं फरियाद करते हैं ।
उम्र हमारी भी लग जाये आपको क्योंकि ,
हम आपको खुद से भी ज्यादा प्यार करते                             हैैं ।।

जन्नत की परी हो तुम दुनिया में क्यो आई                            हो ,
संगमरमर सा ये जिस्म कहा से पाईं हो ।
       तुम सा हसीं कभी देखा ही नहीं ,
लगता है शबनम में नहाकर आईं हो ।।

जब भी आपसे मिलने की तकदीर नज़र                          आई ,
एहसास के पैरों पर जंजीर नज़र आई ।
जब गौर किया गिरते हुए आंसुओं पर ,
हर आंसू पर सिर्फ तेरी तस्बीर नजर आई।

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Tuesday, 24 December 2019

"शायरों की महफिल "

जरा नेक राहों पे चलके तो देखो ,
      मुहब्बत के सांचे में ढलकर तो देखो ।
बदल जाएगा खुद बखुद जमाना ,
       तुम खुद को पहले बदलकर तो देखो।

मिले बन के भाई जो उसको गले लगा लेंगे ,
पर वो हम नहीं जो दुश्मनों को सर चढा                                लेंगे।              अमन के हम पुजारी है मगर देश केखातिर , ज़मीन पे दुश्मनों के खून की दरिया बहा                           देंगे ।

तू गई मेरी जिंदगी चलीं गईं ,
      बैठा हूं अंधकार में रोशनी चली गई।
तड़पता हूं तड़पते दिल को लेकर ,अब                  आइना भी कहता है ,
कि तेरे होंठों की हंसी चली गई          ।


बस में होता तो तुझे मशहूर कर देता   ,
 तेरी उन मद भरी आंखों को नशें में 
                 चूर कर देता ।
अगर न होता ज़माने का डर तो   ,
 तेरी मांग में सिंदूर भर देता        ।

नेकी वदी ज़माने को समझा बुझा के पी ,
 गर पीना चाहती हो तो थोड़ा और 
                 मिला के पी ।
अगर ये दिल नहीं मानता इतना शुरुर है तो 
    शाकी के पास बैठ नजरें मिला के पी ।

किसी के लाश पे फूलों की झड़ी होती है ,
 किसी की लाश बेनकाब पड़ीं होती है ।
ऐ चलने वाले मुसाफिर जरा देख के चल,
न जाने किस मोड़ पर मौत खड़ी होती है ।

उम्र की राह में इंसान बदल जाता है ,    बात की आंधी में जहां बदल जाता है ।
गलती मेरी नहीं खुदा की कसम यारों , हुस्न को देख सबका इमान बदल जाता है।

ये फेस मेरे डियर की फाइन है दोस्तों ,
 इसकी निगाहें मस्त और वाइन है दोस्तों ।
इसकी गाल पर जो साइन देख रहे हैं ,
    वो मेरे कलम की साइन है दोस्तों       ।

मांगा था मैं खुदा  ,
                   तुझे अपनी जिंदगी के लिए ।
तूने मेरा दिल तोड़ा ,
                     औरों की खुशी के लिए    ।

ज़ख्मों पे जख्म लगाता है जमाना ,
  हर तरह से गरीबों को सताता है जमाना।
अरे, क्या हमने जमाने में बिगाड़ा है किसी                          का,
क्यों हमें निगाहों से गिराता है जमाना     ।

मुहब्बत दर्द होती हैं ,
                       मुहब्बत गम नहीं होती ।
किसी के दूर रहने से ,
                       मुहब्बत कम नहीं होती ।

मुहब्बत नाम है किसका ,
                       शुरू कहा से होता है ।
इसे पैदा किया किसने ,
                     खत्म कहा पे होता हैं ।

मुहब्बत नाम है दिल का ,
                   शुरू आंखों से होता है ।
इसे पैदा किया गम ने ,
                    खत्म सांसों से होता है ।

तुझे देखेंगे सितारे तो जिया मांगेंगे ,
           प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगे ।
अपने कंधे से दुपट्टा न सरकने देना ,
       वरना बुढ़े भी जवानी की दुआ मांगेंगे।

ज़मीं तांवे की होगी आसमां फौलाद का                              होगा,
मुहब्बत तख्त पे होंगे ,
                      अदालत में खुदा होगा ।
सितारे टूट जाएंगे ,
                   धरा पर जल जला होगा ।
उस दिन न बाप बेटे का ,
                        न बेटा बाप का होगा ।

कोई तीर आता तो खाली नहीं जाता  मायुस खुदा के दर से कोई सवाली नहीं                         जाता ।
अरे कांटे ही किया करते हैं फूलों की 
                 हिफाजत ,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं आता ।

चौदहवीं की रात थी 
                   सब कर रहा चर्चा तेरा ।
किसी ने कहा चांद है
                   किसी ने कहा चेहरा तेरा ।
मैं भी वहां मौजूद था 
                   मुझसे भी पूछा ये क्या हैं।
मैंने हंस दिया और चुप रहा
                 क्योंकि मंजूर था परदा तेरा।।

हर संगीत में साज होता है 
                     हर आंखों में राज होता है ।
मेरी औकात ही क्या है मेरे दोस्त 
             चमकते चांद में भी दाग़ होता है ।

नदी किनारे कौआ बैठा 
                          मैं सोचा की तोता है ।
जब याद तुम्हारी आती है 
                  तो दिल छुप छुप के रोता है ।

वो कल की मुलाकात भूल जाते हैं ,
              गुजरी हुई हर बात भूल जाते हैं ।
चंद लम्हों का सहारा पाकर ,
         लोग अपनी औकात भूल जाते हैं ।।

अब तो घबरा के कहते हैं कि मर जाएंगे ,
मर के भी चैन न मिला तो किधर जाएंगे।
हम वो नहीं जो करे उनका दावा खुद से,
बल्कि पूछेगा खुदा भी तो मुकर जाएंगे।।

मर गये हम तरसते- तरसते ,
                  हमको ऐसी जुदाई मिली हैं।
आशिकों का जहां जल रहा है ,
                  और उनको खुदाई मिली है।।

बाग में फूल बनकर महकना प्रिये ,
         मैं धरा पर सागर सा बरस जाऊंगा ।
प्यार से तुमको चुमेगी दुनिया  सारी ,
        मैं तेरी एक नजर को तरस जाऊंगा ।।

तेरी चाहत में सब कुछ भूला बैठा ,
             इसी बीच तुझे अपना बना बैठा ।
मुझे माफ़ करना ऐ मेरे दोस्त ,
        तेरी दोस्ती को मैं प्यार समझ बैठा ।।


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हो के रुशवा मुहब्बत की सौगात जा रही है,
मैयत किसी गरीब की आधी रात जा रही है।
उनके घर के सामने से निकला मेरा जनाजा ,
और उन्हें लगा कि किसी की बारात जा रही है।

मैंने अपना दिल जलाकर उनको रोशनी दे दी ,
खुद उठाया गम मैंने और उन्हें खुशी दे दी  ।
मगर वो ना समझ पाये मेरी अहमियत को ,
जिनके लिए हमने तो अपनी जिंदगी दे दी।।

 मुहब्बत में कभी हां करती हो,
                                कभी ना करती हो ।
करना है तो कऱो मुहब्बत ,
        वरना क्यों मुहब्बत को बदनाम करती हो।।

जिने वाले कजा से डरते हैं ,
                            पीने  वाले दवा से डरते हैं ।
चाहे वो तुम हो या नसीब अपना ,
                  हम तो हर एक बेवफा से डरते हैं ।


बदनसीब जब खुशनसीब हो तो ,
                               आंसू पीकर झूम लेते हैं ।
सहन नहीं होती तेरी जुदाई तो 
                             तेरा नाम लेकर जी लेते है।

                       "  दोस्ती  "
दोस्ती त्याग मांगती है और इम्तहान लेती है । दोस्ती और रिश्ते बनाए रखने में त्याग, निष्ठा और
समझदारी की जरूरत होती है ।स्वार्थ की भावना
दोस्ती को तोड़ देती है । हल्के - फुल्के रिश्ते तो 
आसानी से बन जाते है लेकिन सच्ची दोस्ती बनाने और बनाए रखने में समय और प्रयास की जरूरत नहीं होती ।सच्ची दोस्ती जितना लेती है उससे कहीं ज्यादा देती है और दुःख में भी मजबूत खम्भे की तरह टिकी रहती है । आपसी विश्वास और भरोसा हर दोस्ती की बुनियाद है।।

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                        " चरित्र   "
चरित्र व्यक्ति के नैतिक मूल्यों, विश्वासो और शख्सियत से मिलकर बनता है। यह हमारे व्यवहार और कार्यो में झलकता है । इसे दुनिया की बेशुमार दौलत से भी ज्यादा सम्भालकर रखने की जरूरत होती है।
       
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Sunday, 22 December 2019

" शायरों की महफिल "

# रात भर जागती आंखों को बधाई देगा,
        चांद निकलेगा तो खिड़की से दिखाई देगा ,
ये मुहब्बत है ज़रा सोच समझकर रोना ,
एक आंसू भी टूटा तो दिखाई देगा ।

#जाने कब मौत का पैगाम आ जाय,
मेरी जिंदगी की आखिरी शाम  आ जाय ।
ऐ मेरे दोस्त दुआ है मेरी रब से कि,
मेरी जिंदगी तेरे जिंदगी के काम आ जाय।

#शाम भी उदास है सुबह भी उदास होगी ,
कल शबनम से भरी मेरी लाश होंगी ।
पहुंचा देना ऐ दफन करने वाले ,
जिसकी तस्वीर मेरे सीने के पास होगी ।

#तू कहीं भी रहे सर पे तेेेेेेरे इल्जाम तो है,
तेरे हाथों के लकीरों पे मेरा नाम तो है ।
मुझको तू अपना बना या न बना तेरी खुशी,
तू मेरे नाम से इस दुनिया में बदनाम तो है ।

#मै एक शाम चुराया तो बुरा मान गए,
आइना सामने आया तो बुरा मान गए ।
उनकी हर रात जलती है दिपावली की तरह ,
मैंने एक दीप जलाया तो बुरा मान गए ।

#सलाम याद रखना पैगाम याद रखना ,
सिर्फ इतनी आरज़ू है मेरा नाम याद रखना ।
#ये हुस्न तमन्ना ये नजाात कहा से आ गई,
तुझमें रुठ जाने की आदत कहा से आ गई ।
तुमने तो कल कहा था कि बिस्तर से उठा नहीं जाता ,
उठा ले गई दुनिया मेरी तुझमें इतनी ताकत कहां से आ गई?

#अगर मैं मर गया तो मेरे कब्र पर मत आना ,
अगर आना तो दो फूल न लाना ।
अगर फूल लाना तो उसे मत चढ़ाना ,
क्योंकि मैं पहले से ही दबा हूं मुझे और मत दबा -ना।

किताबें जुल्म को भी साहिबे दिवान कहता है ,
वो अपनी बदख्याली को अब इंसान कहता है।
तमन्ना है कि उसका नाम मैं हिन्दुस्तान रख दूं ,
मगर जालिम अपने को सदा पाकिस्तान कहता है।

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