" मतलबी दुनिया "
कितने मतलब पालते है लोग जमाने मे , मतलब से मतलब लोग रखते है जमाने मे ।
एक हम समझते है ढूँढते है दिल के खजाने मे,
लोग मिलते तो है ,अपने दिल के बहाने मे ।
हर कोई कहता दिल के अजीज हो तुम तो मेरे,
मगर वफा ढूँढने लगे तो मिली बेवफाई जमाने मे,
हर शाख पर बैठे एक शख्स धू्र्त बनाने मे ।
मतलब से मतलब लोग रखते है जमाने मे,
कहने के तो होते कुछ खास लोग जमाने मे,
भ्रम है दिल का ,काम आते दिल को बहलाने मे।
समझना भूल जा अपना सबको अब जमाने मे।
लोग दिमाग से रखते है मतलब ,दिल से बेगाने मे।
दिल की बातें ना किसी से ना कहो जमाने मे ,
दिल से नफरत मिट्ठी बातें करते लोग जमाने मे।
मिट्ठी बातें बोले मगर समझे बेगाना जमाने मे,
मतलब से मतलब लोग रखते है जमाने मे।
कितने मतलब पालते है लोग जमाने मे , मतलब से मतलब लोग रखते है जमाने मे ।
एक हम समझते है ढूँढते है दिल के खजाने मे,
लोग मिलते तो है ,अपने दिल के बहाने मे ।
हर कोई कहता दिल के अजीज हो तुम तो मेरे,
मगर वफा ढूँढने लगे तो मिली बेवफाई जमाने मे,
हर शाख पर बैठे एक शख्स धू्र्त बनाने मे ।
मतलब से मतलब लोग रखते है जमाने मे,
कहने के तो होते कुछ खास लोग जमाने मे,
भ्रम है दिल का ,काम आते दिल को बहलाने मे।
समझना भूल जा अपना सबको अब जमाने मे।
लोग दिमाग से रखते है मतलब ,दिल से बेगाने मे।
दिल की बातें ना किसी से ना कहो जमाने मे ,
दिल से नफरत मिट्ठी बातें करते लोग जमाने मे।
मिट्ठी बातें बोले मगर समझे बेगाना जमाने मे,
मतलब से मतलब लोग रखते है जमाने मे।
Its a real thinking...
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